ईरान के साथ जारी तनाव के बीच मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। शुक्रवार को इस संघर्ष को एक महीना पूरा हो रहा है, और इसी मौके पर अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को भारी रूप से बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अत्याधुनिक युद्धपोत USS त्रिपोली अब अपने ऑपरेशनल जोन में पहुंच चुका है।
3500 सैनिकों के साथ USS त्रिपोली की एंट्री इस युद्धपोत पर करीब 3,500 मरीन और नाविक सवार हैं। USS त्रिपोली की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह F-35 स्टील्थ फाइटर जेट और ओस्प्रे जैसे आधुनिक एयरक्राफ्ट को ऑपरेट कर सकता है। पहले इसे जापान में तैनात किया गया था, लेकिन हालात बिगड़ने पर इसे तुरंत मिडिल ईस्ट शिफ्ट किया गया। इसके अलावा USS बॉक्सर और सैन डिएगो से अन्य नौसैनिक यूनिट्स भी इलाके की ओर बढ़ रही हैं।
सऊदी एयर बेस पर हमले से बढ़ी तल्खी तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बाद कूटनीतिक बातचीत के सारे दरवाजे लगभग बंद नजर आ रहे हैं।
ईरान ने नकारा अमेरिका का शांति प्रस्ताव अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ ने युद्धविराम का एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और समुद्री रास्ते खोलने की शर्त थी। ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसके बजाय, तेहरान ने हर्जाने और अपनी संप्रभुता की मान्यता की मांग रखी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका फिलहाल जमीनी युद्ध से बच रहा है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
हूती विद्रोहियों की एंट्री से खतरा बढ़ा यमन के हूती विद्रोहियों के संघर्ष में शामिल होने से स्थिति और जटिल हो गई है। हूटियों ने इजरायल पर मिसाइल दागने का दावा किया है। इससे बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट और स्वेज नहर जैसे वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। हॉर्मुज के जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने से वैश्विक आपूर्ति शृंखला और हवाई मार्गों पर भी बुरा असर पड़ना शुरू हो गया है। कई देशों को अब सामान की सप्लाई के लिए वैकल्पिक और महंगे रास्तों की तलाश करनी पड़ रही है।
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
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