कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एक नई क्रांति ने दस्तक दी है। न्यूजीलैंड की कंपनी Halter ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसने डेयरी फार्मिंग के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से पलट दिया है। अब गायों को चराने या मिल्किंग शेड तक ले जाने के लिए ग्वालों की जरूरत नहीं रही।
कंपनी ने गायों के लिए एक सोलर-पावर्ड स्मार्ट कॉलर तैयार किया है। इस कॉलर में GPS, उन्नत सेंसर और AI तकनीक लगी है। किसान अपने स्मार्टफोन पर एक ऐप के जरिए गायों को निर्देश देते हैं। ऐप पर एक लाइन खींचते ही वर्चुअल फेंस (आभासी बाड़) बन जाती है, जिससे गायों की गतिविधियों को कंट्रोल किया जा सकता है।
यह पूरा सिस्टम Cowgorithm नाम के AI पर आधारित है। जब गाय वर्चुअल फेंस के करीब पहुंचती है, तो कॉलर पहले बीप करता है, फिर वाइब्रेशन और अंत में एक हल्का सुरक्षित शॉक सिग्नल देता है। इससे गायें बिना किसी मानवीय दखल के सही दिशा में चरने जाती हैं और समय पर दूध देने के लिए मिल्किंग शेड तक खुद पहुंच जाती हैं।
यह कॉलर सिर्फ गायों को निर्देशित ही नहीं करता, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी नजर रखता है। यह गाय के तापमान, फर्टिलिटी साइकिल, आराम करने और भोजन चबाने (रूमिनेशन) की आदतों को ट्रैक करता है। यदि कोई गाय बीमार है या उसे चिकित्सा की आवश्यकता है, तो किसान के फोन पर तुरंत अलर्ट आ जाता है।
इस तकनीक के फायदे पैसों के मामले में भी बड़े हैं। पारंपरिक फेंसिंग पर प्रति मील 15,000 से 40,000 डॉलर का खर्च आता है, जबकि यह वर्चुअल फेंसिंग पूरी तरह मुफ्त है। किसान प्रति गाय 5-8 डॉलर का मासिक शुल्क देते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें लेबर में प्रति माह 20-40 घंटों की बचत होती है।
वर्तमान में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में 7 लाख से ज्यादा गायें इस सिस्टम का उपयोग कर रही हैं। कंपनी की तेजी से बढ़ती सफलता को देखते हुए पीटर थिएल (जो फेसबुक के शुरुआती निवेशक थे) की फाउंडर्स फंड इसमें भारी निवेश कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी का वैल्यूएशन अब 2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। 2016 में क्रेग पिगॉट द्वारा शुरू की गई यह कंपनी आज खेती को मैन्युअल लेबर से निकालकर पूरी तरह से ऑटोमेटेड और डेटा-आधारित बनाने की ओर अग्रसर है।
Farmer pays $5–$8 per cow per month.
— shirish (@shiri_shh) March 22, 2026
A New Zealand company puts a solar-powered smart collar on cows.
It tracks location 24/7, health, temperature, chewing activity, breeding.
Farmer just opens a simple app and draws a line on the map.
That line becomes the fence.
As cows… https://t.co/BSWLCuB7J3 pic.twitter.com/43IDR4mNUc
#12 अब सिर्फ इतिहास का हिस्सा: KKR ने आंद्रे रसेल के सम्मान में जर्सी रिटायर की
ईरान से ट्रंप को मिला कीमती तोहफा , आखिर क्या है ये रहस्यमयी डील?
फैक्ट चेक: चुनाव आयोग के लेटर पर BJP की मुहर कैसे पहुंची? जानिए क्या है वायरल दावे का सच
दिल्ली के करोल बाग में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: तेज रफ्तार डबल डेकर बस पलटी, 2 यात्रियों की मौत
दृश्यम 3 की रिलीज टली: जॉर्जकुट्टी की वापसी के लिए फैंस को करना होगा और इंतजार
साउथ अफ्रीका दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान: अनुष्का शर्मा की पहली बार एंट्री, वर्ल्ड कप पर नजरें
मिडिल ईस्ट जंग पर आज राज्यसभा में बोलेंगे पीएम मोदी, ईरान संकट के बीच भारत की तैयारी पर करेंगे बात
न्यूजीलैंड को बड़ा झटका: निर्णायक टी20 से बाहर हुए धाकड़ बल्लेबाज, अब नीशम संभालेंगे कमान
क्या अमेरिका-ईरान युद्ध में सरपंच बनेगा पाकिस्तान? डोनाल्ड ट्रंप के दांव से बढ़ीं कूटनीतिक हलचलें
पिता ने बेटे को रेत में क्यों गाड़ा? वीडियो देख नम हो जाएंगी आपकी आंखें