तेहरान: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह प्रमुख समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन इसे ईरान के दुश्मनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
दुश्मनों की एंट्री पर पाबंदी अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल अमेरिका और इजरायल के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया है। उनका कहना है कि जो देश ईरान पर हमला कर रहे हैं या उसके दुश्मन हैं, उन्हें यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाकी देशों के जहाज सामान्य रूप से आवाजाही कर सकते हैं।
सुरक्षा का हवाला और जमीनी हकीकत ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि अभी भी कई जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर कुछ जहाज नहीं गुजर रहे हैं, तो यह फैसला शिपिंग कंपनियों का है। हालांकि, जमीनी स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान और फारस की खाड़ी के बीच सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय जहाज भी शामिल हैं।
ट्रंप की दो टूक चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि ईरान ने समुद्री आवाजाही में बाधा डाली, तो उसके तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने पहले खर्ग आईलैंड पर हमले की धमकी भी दी थी। साथ ही उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान और यूके जैसे देशों से इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है।
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर लटकती तलवार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, जिसकी चौड़ाई सबसे संकरी जगह पर सिर्फ 33 किलोमीटर है। वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि यह मार्ग पूरी तरह बाधित होता है, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।
रूस-चीन का रुख अब्बास अराघची ने दोहराया कि रूस और चीन ईरान के रणनीतिक साझेदार हैं और तेहरान का उनके साथ सैन्य सहयोग पहले से ही जारी है। ईरान के इस आक्रामक रुख ने वैश्विक शक्तियों को उलझन में डाल दिया है, क्योंकि इस क्षेत्र में जरा सी भी चूक बड़े युद्ध का कारण बन सकती है।
Iran s Foreign Minister Abbas Araghchi:
— Clash Report (@clashreport) March 14, 2026
The Strait of Hormuz is open.
It is only closed to the tankers and ships belonging to our enemies, to those who are attacking us and their allies.
Others are free to pass.
Of course, many of them prefer not to because of their security… pic.twitter.com/GDlN5NpBpB
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