उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सियासत गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक विवादित और कड़ा बयान देते हुए कहा है कि जब तक पिछड़ों को उचित आरक्षण नहीं मिलता, वे चुनाव नहीं होने देंगे। राजभर का यह बयान इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के बीच एक नया राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।
अपनी शक्ति का पूरा इस्तेमाल कर रहा हूं राजभर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि वे अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, जिसे जो करना हो, कर ले। मैं बिना आरक्षण के पंचायत चुनाव नहीं होने दूंगा। अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए उन्होंने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि सोशल मीडिया पर लोग उन्हें प्रधान बनने का लालची बता रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए।
विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव? राजभर के संकेतों से स्पष्ट है कि सरकार पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनाव के बाद कराने की योजना बना रही है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग का हवाला देते हुए कहा कि कई जिलों में सर्वे और प्रक्रिया अभी लंबित है। उन्होंने आयोग से तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगा है ताकि आरक्षित सीटों का गणित पूरी तरह साफ हो सके।
ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को 6 महीने का विस्तार प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए राजभर ने जानकारी दी कि उन्होंने ग्राम प्रधानों के प्रशासक के तौर पर कार्यकाल बढ़ाने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री के पास भेज दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल जो 24 तारीख को समाप्त हो रहा था, उसे अब 6 महीने के लिए और बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अभी प्रधान अपने पद का आनंद लें।
हाईकोर्ट के आदेश के साथ टकराव? बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को सख्त निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराए जाएं। साथ ही, कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग आयोग को एक महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा था। अब राजभर का यह बयान सीधे तौर पर अदालती समय-सीमा को चुनौती देता हुआ नजर आ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक खींचतान बढ़ सकती है।
पंचायत चुनाव नहीं होने दूंगा! अमर्यादित भाषा
— Anupam Yadav (@AnupamY56532859) November 6, 2026
के साथ बोले ओमप्रकाश राजभर!#OmPrakashRajbhar #PanchayatElection #UPPolitics #UttarPradesh #ViralPoliticalNews #UPNews pic.twitter.com/X8xTiNwrC2
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