सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और स्पष्ट फैसला सुनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें क्रीमी लेयर के निर्धारण के नियमों में बदलाव की मांग की गई थी। अब साफ हो गया है कि OBC क्रीमी लेयर का निर्धारण केवल माता-पिता की सालाना आय के आधार पर नहीं होगा।
क्या है नया नियम? अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल वेतन से होने वाली आय को ही मानक नहीं माना जा सकता। क्रीमी लेयर की गणना करते समय माता-पिता की सेवा संबंधी स्थिति (Service Status) और उनके प्रशासनिक पद (Administrative Rank) को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी, अब यह देखा जाएगा कि माता-पिता सरकारी सेवा में किस श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं।
पुराना फैसला ही रहेगा बरकरार यह निर्णय 11 मार्च को यूनियन ऑफ इंडिया बनाम रोहित नाथन मामले में दिए गए फैसले का हिस्सा है। अदालत ने उस समय कहा था कि क्रीमी लेयर का आधार केवल आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक दर्जा होना चाहिए। केंद्र की अपील खारिज होने से अब यही व्याख्या पूरे देश में लागू रहेगी।
पिछली तारीख से लागू नहीं होगा आदेश केंद्र सरकार ने याचिका में यह चिंता जताई थी कि यदि इस फैसले को पिछली तारीख (Retrospective effect) से लागू किया गया, तो 2012 के बाद हुई नियुक्तियों, IAS, IPS और IFS अधिकारियों की वरिष्ठता सूची और कैडर आवंटन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यह आदेश भविष्य के लिए प्रभावी होगा और पुराने मामलों को प्रभावित नहीं करेगा।
क्या है OBC क्रीमी लेयर? OBC आरक्षण का लाभ उन लोगों को मिलता है जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हैं। हालांकि, इस वर्ग के जो परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से उन्नत (अमीर/अधिकारी) हैं, उन्हें क्रीमी लेयर के दायरे में रखा गया है। इन लोगों को OBC कोटे का आरक्षण नहीं मिलता। वर्तमान में इसकी सीमा सालाना 8 लाख रुपये है, लेकिन अब से इस आय गणना में भी पद के रुतबे को प्रमुखता दी जाएगी।
VIDEO | Delhi: Advocate Shashank Ratnu, counsel for the petitioner, on the Supreme Court s judgment on OBC creamy layer reservation in UPSC examinations, says, Today s judgment is historic as it reaffirms the March 11 judgment. The OBC creamy layer will be determined as per the… pic.twitter.com/1UrNGbzZvA
— Press Trust of India (@PTI_News) November 6, 2026
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