असम सरकार द्वारा बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के फैसले ने सियासत गरमा दी है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने इस फैसले को तार्किक आधार से परे बताते हुए सरकार पर कटाक्ष किया है।
दशरथ और कौरवों का दिया उदाहरण जेडीयू नेता श्याम रजक ने असम सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पौराणिक संदर्भों का सहारा लिया। उन्होंने कहा, बहुविवाह की हमारे यहां परंपरा रही है। भगवान राम के पिता दशरथ ने तीन शादियां की थीं, तो क्या आप राम को भी हटा देंगे? कौरवों के पिता धृतराष्ट्र की भी कई पत्नियां थीं, तो क्या आप उनकी पूजा बंद कर देंगे और मंदिर गिरा देंगे?
असम जल रहा है, नेता भाषण न दें श्याम रजक ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को भटकाव वाली नीतियों के बजाय वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, पहले समीक्षा होनी चाहिए। असम जल रहा है, वहां काम करें। बाहर से आए हैं तो ज्यादा प्याज खाने जैसा काम न करें, केवल अपना काम करें।
क्या है असम सरकार का नया नियम? असम सरकार ने असम सेवा अनुशासन नियम, 1964 में संशोधन किया है। इसके तहत नियम 7 में एक नया खंड (6) जोड़ा गया है। नए प्रावधान के मुताबिक, यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक से अधिक विवाह करता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
सिर्फ नौकरी ही नहीं, सुविधाओं पर भी गाज इस फैसले का दायरा काफी व्यापक है। बर्खास्तगी के अलावा, ऐसे कर्मचारियों को भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। साथ ही, ऐसे कर्मचारी राज्य सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के हकदार नहीं होंगे। यह नियम किसी एक धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
विवाद के केंद्र में कानून की वैधता जेडीयू का तर्क है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने किस कानूनी प्रावधान के तहत यह फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियम आने वाले समय में अदालती चुनौतियों का सामना कर सकता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत अधिकारों और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
*पटना, बिहार: जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने असम मंत्रिमंडल के बहुविवाह में शामिल पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने और उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित करने के निर्णय पर कहा, अब वो किस कानून के तहत यह कानून बनाए… pic.twitter.com/YsgXoeT7Mt
— IANS Hindi (@IANSKhabar) November 4, 2026
सोने की तस्करी में 1500% का तूफानी उछाल: सरकारी पाबंदियां बनीं कालाबाजारी का रास्ता
दिल्ली में खौफ: टाटा नेक्सन ने उबर बाइक को 900 मीटर तक घसीटा, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
विराट-रोहित के जलवे के लिए तैयार रहें: भारत-न्यूजीलैंड वनडे का रोमांच आज सुबह से, जानें हर अपडेट
अग्निवीरों की बल्ले-बल्ले: अब 6 साल तक होगी सेवा, स्थायी भर्ती का भी खुला रास्ता
रूस का बर्बर हमला: स्कूल बना मलबे का ढेर, 29 बेगुनाहों की मौत
बिहार में अपराध मुक्त के दावे पर घिरे सम्राट चौधरी, तेजस्वी ने वीडियो शेयर कर किया जोरदार हमला
धरती से 400KM दूर: अंतरिक्ष से ऐसे डाला गया वोट, जानें कौन हैं ये 3 NASA एस्ट्रोनॉट
EVM पर सवाल तो इस्तीफा दें राहुल-प्रियंका: पूर्णिया में गरजे हिमंता बिस्वा सरमा
जेल में गैंगस्टर्स पाल रखे हैं , राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा हमला, पंजाब में फूंका 2027 का बिगुल
राहुल गांधी की PM मोदी को खुली चुनौती: डरिए मत, आइए आमने-सामने बहस करते हैं