सोने की तस्करी में 1500% का तूफानी उछाल: सरकारी पाबंदियां बनीं कालाबाजारी का रास्ता
News Image

भारत में सोने की तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच भारत में सोने की अनौपचारिक सप्लाई बढ़कर 50 टन तक पहुंच गई है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा महज 3 टन था, यानी तस्करी में 1,500% से अधिक की खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

क्यों बेकाबू हुई तस्करी?

जानकारों का मानना है कि इसके पीछे सरकार का मई 2026 में लिया गया एक कड़ा फैसला है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर सेस शामिल है। इसके ऊपर 3% IGST अलग से लगता है। आधिकारिक रास्ते से सोना मंगाना इतना महंगा हो गया कि तस्करों को कीमत के अंतर का सीधा फायदा मिलने लगा।

सरकार की रणनीति पर सवाल

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है। ज्यादा आयात से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ता है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने आयात महंगा किया था। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि रणनीति का असर उल्टा हुआ है। जुलाई-सितंबर 2026 में आधिकारिक बुलियन इंपोर्ट 70% गिरकर 64 टन रह गया, जबकि अवैध सप्लाई 50 टन तक पहुंच गई। साफ है कि सोने का प्रवाह अब आधिकारिक चैनलों से हटकर अनौपचारिक और तस्करी वाले रास्तों पर शिफ्ट हो गया है।

महंगाई से घटे खरीदार, बदला सोने का ट्रेंड

ऊंचे आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की तेजी ने भारतीय खरीदारों की जेब पर भारी दबाव डाला है। WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में भारत में सोने की ज्वेलरी की खपत सालाना आधार पर 20% घटकर 99.9 टन रह गई। यह 2020 के बाद तीसरी तिमाही का सबसे निचला स्तर है।

अब महंगे सोने के कारण उपभोक्ता अपनी पसंद बदल रहे हैं। खरीदार भारी ज्वेलरी के बजाय हल्के वजन की ज्वैलरी, स्टडेड (जड़ाऊ) ज्वेलरी और कम कैरेट (18K, 14K और 9K) के सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 में देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 8% थी। सरकार का मकसद विदेशी मुद्रा को बचाना था, लेकिन तस्करी में हुई भारी वृद्धि अब राजस्व के नुकसान और अवैध गतिविधियों के विस्तार का कारण बन रही है। क्या सरकार को अब आयात शुल्क पर पुनर्विचार करना होगा? यह आने वाले समय में एक बड़ा नीतिगत मुद्दा रहेगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

दिल्ली: स्कूल में 9 साल की बच्ची की संदिग्ध मौत, क्लासरूम में गिरी और थम गईं सांसें

Story 1

IND vs NZ: शुभमन गिल की आक्रामक रणनीति, भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी

Story 1

डिप्टी सीएम विजय शर्मा का Gen-Z स्वैग: शर्ट पर लिखा मोदी कहीं नहीं जाएगा, Broooo!

Story 1

अग्निवीरों की बल्ले-बल्ले: सरकार का बड़ा फैसला, सेना में स्थायी होने का खुला रास्ता

Story 1

IND vs NZ: ईडन पार्क में वनडे सीरीज का आगाज, न्यूजीलैंड की सधी हुई शुरुआत

Story 1

प्यार करने से पहले आधार कार्ड देखो , इंटरकास्ट मैरिज पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान

Story 1

विराट कोहली का जादुई कैच और धनुष-बाण सेलिब्रेशन: ऑकलैंड में फिर चला किंग का जादू

Story 1

संसद में बहस की चुनौती: अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार

Story 1

रोहित शर्मा का खराब प्रदर्शन: ऑकलैंड में शून्य पर आउट होकर हरभजन सिंह के अनचाहे रिकॉर्ड की बराबरी की

Story 1

IND vs NZ: रोहित की फील्डिंग और विराट का बल्ला, शुभमन गिल ने जीत का सीक्रेट फॉर्मूला खोला