छत्तीसगढ़ में गरजे गृह मंत्री केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने संसद के भीतर एसआईआर (SIR) और देश की सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी। शाह ने कहा कि मोदी सरकार किसी भी सवाल से मुंह नहीं मोड़ रही है और विपक्ष के साथ हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
माओवादियों की समांतर सरकार पर सवाल अमित शाह ने राहुल गांधी पर माओवादियों की जनताना सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक समय बस्तर में नक्सलियों का राज था, जहाँ उन्होंने अपने अवैध मुख्यमंत्री और गृह मंत्री बना रखे थे। शाह ने सवाल किया कि देश का कौन सा संविधान ऐसी असंवैधानिक सत्ता चलाने की इजाजत देता है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा इन गैरकानूनी तत्वों को राजनीतिक संरक्षण दिया है।
मानवाधिकारों पर दोहरे मापदंड गृह मंत्री ने उन लोगों पर निशाना साधा जो दिल्ली में बैठकर मानवाधिकार की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि जब बस्तर में निर्दोष पत्रकारों और आदिवासियों को पेड़ों पर लटकाया जा रहा था, तब ये लोग चुप क्यों थे? शाह ने पूछा कि क्या जंगलों में रहने वाले आदिवासियों का कोई मानवाधिकार नहीं होता? उन्होंने कहा कि पिछली व्यवस्थाओं ने बच्चों के हाथों में बस्ते की जगह बंदूकें थमा दी थीं।
नक्सलवाद का खात्मा और विकास का संकल्प शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया था, जिसे अब मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खौफ से मुक्त कराया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर समेत पूरे राज्य में शांति लौट रही है। बुनियादी सुविधाएं हर गांव तक पहुँच रही हैं और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
सुरक्षा बलों को खुली छूट गृह मंत्री ने अपनी नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे कश्मीर हो, पूर्वोत्तर हो या बस्तर, जो भी बंदूक उठाकर आम जनता की सुरक्षा को चुनौती देगा, उसे सुरक्षा बल माकूल जवाब देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यधारा में लौटना हो तो हथियार डालें, अन्यथा सुरक्षा बल हर चुनौती से सख्ती से निपटने के लिए सक्षम हैं।
*Atal Nagar-Nava Raipur, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah says, The Congress party has always supported unconstitutional governments and MPs. Where the public hadn t formed a government, the Naxals had their own separate home minister, chief minister, and finance… pic.twitter.com/tmh2hBgSX2
— IANS (@ians_india) November 3, 2026
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