अगर आप आज या कल IDBI बैंक की किसी शाखा में जाने का मन बना रहे हैं, तो रुक जाइए। बैंक के 10,000 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी आज, 2 नवंबर से दो दिनों की देशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते देशभर में बैंक शाखाओं के कामकाज पर सीधा असर पड़ना तय है।
निजीकरण का विरोध: कर्मचारियों का आर-पार का रुख हड़ताल का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा IDBI बैंक के निजीकरण और इसकी कमान कनाडा के फेयरफैक्स ग्रुप को सौंपने की योजना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ IDBI ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के नेतृत्व में कर्मचारी इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि निजीकरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी है, खासकर बैंक की वैल्यूएशन तय करने के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे की कहानी, फिर बिक्री की जल्दी क्यों? कर्मचारियों का सबसे बड़ा गुस्सा इस बात पर है कि बैंक जब रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, तब इसे बेचा क्यों जा रहा है? यूनियन का कहना है कि 2016-2020 के संकट काल में जब बैंक NPA की मार झेल रहा था, तब सरकार और LIC ने पूंजी डालकर इसे बचाया था।
आज स्थिति बिल्कुल उलट है। बैंक पिछले छह सालों में 30,100 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुका है। सकल NPA जो कभी 31.78% था, वह गिरकर अब महज 2.30% रह गया है। कर्मचारियों का तर्क है कि जब उन्होंने खुद बैंक को फर्श से अर्श तक पहुंचाया है, तो अब इसे निजी हाथों में सौंपना तर्कहीन है।
ग्राहकों के लिए बड़ी जानकारी: सेवाएं कैसे लें? हड़ताल के दौरान बैंक की शाखाओं में सन्नाटा रह सकता है, जिससे चेक जमा करने या केवाईसी जैसे जरूरी काम अटक सकते हैं। हालांकि, बैंकिंग पूरी तरह से ठप नहीं होगी। बैंक ने अपने ग्राहकों को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्राहकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
IDBI Bank Customer Advisory
— IDBI BANK (@IDBI_Bank) October 31, 2026
Due to a proposed strike on Nov 2–3, 2026, please complete key transactions early.
Digital channels (Go Mobile+, Net Banking, UPI), ATMs, and CSPs remain fully operational. Non-IDBI ATM cash withdrawals will be free of charge.
We regret any… pic.twitter.com/owdKxWH71F
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