उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम अपनी 49वीं पाती लिखी है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अयोध्या में आयोजित होने जा रहे 10वें भव्य दीपोत्सव के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित किया है। सीएम ने इस आयोजन को केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है।
भरत के त्याग से सीख: सत्ता सेवा का माध्यम अपने पत्र में सीएम योगी ने रामायण के भरत-चरित्र का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के दौरान भरत जी ने स्वयं राजा बनने के बजाय, रामजी की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर सेवक की तरह सत्ता संभाली। सीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि सत्ता का अर्थ अधिकार जताना नहीं, बल्कि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है।
उत्सव प्रदेश से अर्थव्यवस्था को रफ्तार योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से कुम्हारों, फूल विक्रेताओं और स्थानीय दुकानदारों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वोकल फॉर लोकल का पालन करें और इस दिवाली पर केवल स्थानीय स्तर पर बने मिट्टी के दीयों और उत्पादों का ही उपयोग करें।
प्रकाश, सुरक्षा और समृद्धि का मंत्र पत्र में मुख्यमंत्री ने एक सक्सेस मॉडल साझा करते हुए लिखा, जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है। जहां सुरक्षा है, वहां निवेश आता है, और जहां निवेश है, वहां विकास एवं समृद्धि सुनिश्चित होती है। उन्होंने युवाओं को नकारात्मकता त्यागकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
गरीबों के साथ खुशियां बांटने का संकल्प इस दीपोत्सव को सार्थक बनाने के लिए सीएम ने समाज के सक्षम लोगों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि समर्थ नागरिक अपने आसपास के गरीब और वंचित परिवारों की सुध लें और उन्हें दीये, मिठाई व नए कपड़े भेंट करें। उन्होंने कहा कि दूसरों के चेहरों पर आने वाली मुस्कान ही दीपोत्सव की असली सार्थकता है।
राम नगरी में दिव्य नजारों का आमंत्रण सीएम ने सरयू तट और राम की पैड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि जब लाखों दीये एक साथ प्रज्वलित होते हैं, तो ऐसा आभास होता है मानो पूरी आकाशगंगा धरती पर उतर आई हो। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस ऐतिहासिक और दिव्य दृश्य का साक्षी बनने के लिए अयोध्या आने का आग्रह किया है।
*मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 2, 2026
सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्रीअयोध्या धाम अपने दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित है। दीपोत्सव अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। यह मात्र दीप प्रज्वलन नहीं, अपितु भारत की सनातन चेतना के… pic.twitter.com/V9zagADwnK
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