चीन में मिली करोड़ों साल पुरानी कड़ी डायनासोर के पृथ्वी पर कदम रखने से भी पहले, समंदर की गहराइयों में एक ऐसा जीव मौजूद था जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। चीन के गुइझोउ प्रांत में खुदाई के दौरान वैज्ञानिकों को एक प्राचीन जीव के दो कंकाल मिले हैं, जो लगभग पूरी तरह से सुरक्षित अवस्था में हैं। यह खोज विज्ञान जगत में एक बड़ी हलचल मचा रही है।
कौन है यह रहस्यमयी गेरोथैरेक्स मैरिटिमस ? वैज्ञानिकों ने इस जीव का नाम गेरोथैरेक्स मैरिटिमस (Gerrothorax Maritimus) रखा है। यह जीव आज से करीब 23.7 करोड़ साल पहले, यानी ट्राइऐसिक काल (Triassic Period) के दौरान जीवित था। शोध के अनुसार, यह इतिहास का पहला ऐसा उभयचर (amphibian) है, जो मीठे पानी के बजाय समुद्र के खारे पानी में रहने के लिए पूरी तरह अनुकूलित (adapted) था।
प्रकृति के नियमों को चुनौती देता जीव आज की दुनिया में मेंढक और सैलामेंडर जैसे 8,000 से अधिक उभयचर जीव मौजूद हैं, लेकिन इनमें से कोई भी खारे पानी में जीवित नहीं रह सकता। इसका मुख्य कारण उनकी पतली और नम त्वचा है, जो खारे पानी के संपर्क में आते ही सूख जाती है। लेकिन गेरोथैरेक्स इस नियम का अपवाद था। इसकी शारीरिक संरचना इसे खारे पानी में जीवित रहने की अद्भुत क्षमता देती थी।
कैसा दिखता था यह शिकारी? लगभग 73.7 सेंटीमीटर लंबा यह जीव दिखने में एक विशाल सैलामेंडर जैसा था। इसका शरीर चपटा था और सबसे खास बात इसका सुरक्षा कवच है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पूरे शरीर पर हड्डियों की एक सख्त परत थी, जो इसे न केवल खारे पानी से बचाती थी, बल्कि एक शिकारी के रूप में भी मदद करती थी। यह समुद्र की तली में छिपकर बैठा रहता था और शिकार के करीब आते ही उसे झपट्टा मारकर अपना निवाला बना लेता था।
कैसे साबित हुआ यह समंदर का राजा था? वैज्ञानिकों ने इस दावे के पीछे दो ठोस सबूत पेश किए हैं। पहला, ये कंकाल समुद्री चट्टानों के बीच मिले हैं, जहाँ उस समय मीठे पानी का कोई स्रोत नहीं था। दूसरा, इन जीवों की हड्डियों में स्ट्रोंटियम नामक तत्व की मात्रा पाई गई है, जो ठीक वैसी ही है जैसी उस काल के समुद्री पानी में थी। दिलचस्प बात यह है कि ये जीवाश्म 7 मीटर लंबे समुद्री शिकारी इक्थियोसॉर (Ichthyosaur) के पास पाए गए हैं।
भविष्य की ओर इशारा यह खोज बताती है कि पृथ्वी पर जब भी बड़े जलवायु परिवर्तन हुए, समुद्री जीवों ने खुद को जीवित रखने के लिए असाधारण तरीके अपनाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तो महज शुरुआत है। समुद्र की गहराइयों में अभी न जाने कितने और ऐसे राज दबे हैं, जो आने वाले समय में जीवन के विकासक्रम (evolution) को समझने का नजरिया पूरी तरह बदल सकते हैं।
🚨NEW STUDY DROP🚨
— EDGE Science (@EDGE_Science_) October 26, 2026
NEW AMPHIBIAN - G. maritimus
A new species of Gerrothorax has been described from Late Triassic China based on two nearly complete skeletons showing this species was adapted to marine habitats!
🎨: @JoschuaKnuppe pic.twitter.com/ptj017YjYD
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