पेंटागन में बड़ा धमाका: 3 पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल हुए जनरल, गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में बर्खास्त
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वॉशिंगटन: अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को उनके पद से हटा दिया है। उन पर रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान के साथ तनाव और अन्य अत्यंत संवेदनशील सैन्य योजनाओं की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक करने का गंभीर आरोप है।

पॉलीग्राफ टेस्ट में फंसी पोल पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जनरल सिल्विया को जानकारी लीक करने के आरोपों की जांच के दौरान लाइ डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट से गुजरना पड़ा। यह टेस्ट तीन बार किया गया, जिसमें वे हर बार विफल रहे। इसके तुरंत बाद रक्षामंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में स्ट्रेटेजी, प्लानिंग और पॉलिसी चीफ के महत्वपूर्ण पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया।

राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी इस मामले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, सिल्विया को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। हमारा प्रशासन सीक्रेट जानकारी लीक करने वाले हर व्यक्ति को ढूंढ रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति ने उनके जेंडर को लेकर एक भूल भी की, लेकिन उनका संदेश साफ था कि लीक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

आम अदालत में चलेगा मुकदमा सामान्य तौर पर सेना के अधिकारियों पर सैन्य अदालत (मार्टियल लॉ) में मुकदमा चलता है, लेकिन इस मामले को जस्टिस डिपार्टमेंट को सौंप दिया गया है। जानकारों का मानना है कि उन पर आम अदालत में आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

32 साल का करियर और विवादों का अंत जनरल सिल्विया का करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 32 साल तक सेना में सेवा दी और उन्हें 6 ब्रॉन्ज स्टार मेडल और एक प्रतिष्ठित पर्पल हार्ट मेडल भी मिल चुका है। जॉइंट स्टाफ ने बुधवार को उनके सम्मान में एक विदाई बयान जारी किया था, जिसे गुरुवार को ही वापस ले लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह बयान पूरी तरह सही नहीं था।

पेंटागन में ‘लीक’ पर नकेल रक्षामंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में यह पहली बार नहीं है जब किसी अधिकारी पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगा है। इससे पहले भी तीन सहयोगियों को इसी तरह के आरोपों में हटाया गया था। इस मामले के बाद पेंटागन ने पत्रकारों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। अब पत्रकारों को परिसर में किसी अधिकारी की निगरानी में रहने का निर्देश दिया गया है, और प्रेस कार्यालय को भी गोपनीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

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