जामिया में छात्रों की ऐतिहासिक जीत: 18 दिन की भूख हड़ताल के बाद प्रशासन ने घुटने टेके
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दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में पिछले 18 दिनों से जारी छात्र आंदोलन का सुखद अंत हो गया है। छात्र संघ (Students Union) की बहाली की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी मांगें मान लिए जाने के बाद वापस ले लिया गया है।

प्रशासन ने मानीं तीन प्रमुख शर्तें यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार, प्रो. मो. महताब आलम रिजवी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने छात्रों की तीनों मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया है। सबसे महत्वपूर्ण फैसला छात्र संघ के संविधान को लेकर लिया गया है। विश्वविद्यालय ने आश्वासन दिया है कि छात्र संघ के संविधान को बनाने और लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी कर ली जाएगी।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि संविधान का ड्राफ्ट तैयार करते समय उसमें सिर्फ कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि हर फैकल्टी से निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके बाद इसे एकेडमिक और एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अंतिम मुहर विजिटर नॉमिनी द्वारा लगाई जाएगी।

चुनाव की तारीख तय छात्रों की जीत का एक और बड़ा पहलू चुनाव की समयसीमा है। प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 हफ्तों के भीतर यानी 16 जुलाई 2027 के बाद नियत समय में छात्र संघ चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे।

अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस आंदोलन के दौरान जिन छात्रों को निलंबन, निष्कासन या शो-कॉज नोटिस का सामना करना पड़ा था, प्रशासन ने उन सभी के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरी तरह रद्द कर दिया है। रजिस्ट्रार ने दिवाली की छुट्टियों के बाद छात्रों से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से सामान्य रूप से शुरू करने की अपील की है।

एबिन बेसिल का संघर्ष सफल लॉ के तीसरे वर्ष के छात्र एबिन बेसिल, जो इस भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे थे, ने 18वें दिन अपना अनशन समाप्त किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इसे छात्रों, जामिया और लोकतंत्र की जीत करार दिया। उन्होंने उन सभी साथियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस संघर्ष में एकजुटता दिखाई।

आंदोलन के कारण रद्द हुए थे बड़े कार्यक्रम छात्रों के इस उग्र विरोध का असर यूनिवर्सिटी के वार्षिक कार्यक्रमों पर भी पड़ा था। विरोध प्रदर्शन के चलते जामिया ने 22 अक्टूबर को होने वाला अपना स्थापना दिवस समारोह और 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाला प्रसिद्ध तालिमी मेला रद्द करने का निर्णय लिया था।

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