महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 6 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष (INDIA अलायंस) द्वारा प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर दोगली राजनीति और सुविधाजनक विरोधाभास का सीधा आरोप लगाया है।
शिंदे ने याद दिलाया कि लोकसभा चुनावों के बाद यही विपक्षी दल वोटर लिस्ट में बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठा रहे थे। अब वही दल मतदाताओं की संख्या घटने पर हंगामा मचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के पास है। उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया में कोई त्रुटि है, तो उसे सुधारा जाना चाहिए, लेकिन हर बार अपनी सुविधानुसार बयान बदलना विपक्ष के खोखलेपन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है, तो वे खामोश रहते हैं। लेकिन हारते ही वे चुनाव आयोग को निशाना बनाने लगते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इसी चुनाव आयोग की देखरेख में विपक्ष ने तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में जीत दर्ज की है।
पश्चिम बंगाल और बिहार में विपक्षी दलों द्वारा सरकारों को बर्खास्त करने की मांग पर शिंदे ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, यदि विपक्ष बिहार और बंगाल में सरकार बरखास्तगी की मांग कर रहा है, तो क्या वे उन चार राज्यों में अपनी सरकारों को भी भंग करने की हिम्मत जुटाएंगे जहां वे चुनाव जीते हैं?
विपक्ष की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए शिंदे ने कहा कि जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार कर घर बिठा दिया है। हार से सबक लेने के बजाय विपक्षी नेता अब बौखलाहट में प्रधानमंत्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्तरहीन राजनीति की कड़ी निंदा करते हुए इसे विपक्ष की हताशा बताया है।
#WATCH | Delhi: On the INDI Alliance s scheduled march on October 6 to protest against CEC Gyanesh Kumar, Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde says, The matter is currently before the Supreme Court. After the Lok Sabha elections, this same opposition staged protests asking how voter numbers had increased, and now they are asking how voter numbers have decreased; they are engaging in double standards. If there is a mistake or a flaw in the process, it certainly ought to be rectified; however, they remain silent when they win but hurl abuse at the Election Commission when they lose. The opposition has actually won in Telangana, Karnataka, Kerala, and Tamil Nadu under the tenure of this very Election Commission. Now they are demanding the dismissal of governments in West Bengal and Bihar—so, will they also have the governments in those four states dismissed?...
— ANI (@ANI) October 5, 2026
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