राजकुमार राव की बहुचर्चित और नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म शाहिद आखिरकार 13 साल के लंबे इंतजार के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। फिल्म के रिलीज होते ही इसके लेखक और एडिटर अपूर्व एम असरानी ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर नाराजगी और सवाल खड़े किए हैं।
शाहिद आजमी की कहानी और व्यवस्था पर सवाल अपूर्व असरानी ने एक्स (ट्विटर) पर साझा किया कि फिल्म को स्ट्रीमिंग के लिए जगह मिलने में इतना लंबा समय क्यों लगा। उन्होंने बताया कि शाहिद वकील शाहिद आजमी की वास्तविक कहानी है, जिन्होंने उन लोगों का केस लड़ा जिन्हें झूठे आतंकी कानूनों के तहत फंसाया गया था। अपूर्व ने सवाल उठाया कि 2014 के बाद देश में एक ऐसा माहौल बना, जहां असहमति रखने वालों और मानवाधिकारों की बात करने वालों को शक की नजर से देखा जाने लगा, जिस कारण ऐसी फिल्मों को जगह मिलना मुश्किल हो गया।
सिस्टम के अनुकूल फिल्मों पर तंज अपूर्व असरानी ने फिल्म मेकिंग की कड़वी सच्चाई भी बयां की। उन्होंने कहा कि कई फिल्ममेकर्स और एक्टर्स दबाव में आकर वैसी कहानियां बनाने लगे जिन्हें सिस्टम ने मंजूरी दी थी। उन्होंने ऐसी फिल्मों को कोशर (सिस्टम के अनुकूल) कहा, जो औसत दर्जे की होने के बावजूद राजनीतिक समर्थन के कारण अवॉर्ड जीत जाती थीं। उनके अनुसार, शाहिद जैसी निडर कहानियों को दबाने की कोशिश की गई।
क्या अब बदल गया है माहौल? अपूर्व ने इस बात पर हैरानी जताई कि फिल्म को 2026 में ही ओटीटी रिलीज क्यों मिली। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज डर की राजनीति का विरोध बढ़ रहा है और माहौल में बदलाव आया है? उन्होंने अपनी टीम पर गर्व जताते हुए कहा कि यह फिल्म उस हिम्मत वाले सिनेमा का प्रतीक है, जिस पर उन्हें हमेशा से भरोसा रहा है। उन्होंने दर्शकों से इसे देखने की अपील की है।
किस पर आधारित है यह फिल्म? हंसल मेहता द्वारा निर्देशित शाहिद 2013 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता शाहिद आजमी के जीवन के संघर्ष को दिखाती है, जिनकी 2010 में हत्या कर दी गई थी। फिल्म में राजकुमार राव के साथ मोहम्मद जीशान अय्यूब, प्रभलीन संधू और बलजिंदर कौर ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म अब प्राइम वीडियो पर दर्शकों के लिए उपलब्ध है।
The National Award winning #Shahid is finally streaming on Prime Video. It took 13 years for our film to find a streaming home.
— Apurva M Asrani (@Apurvasrani) September 28, 2026
Shahid tells the story of Shahid Azmi, a lawyer who defended people accused under terror laws and fought for due process in a climate where Muslims… pic.twitter.com/Ms6p6vcB2w
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