पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले पार्टी को एक बड़ा सियासी झटका लगा है। मालदा के महीष बाथानी क्षेत्र के 100 से अधिक स्थानीय नेताओं ने TMC का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
कौन-कौन हुआ शामिल? कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में 13 पंचायत सदस्य, एक पंचायत समिति सदस्य, पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष, ब्लॉक उपाध्यक्ष और 100 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हैं। बलरामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष की मौजूदगी में इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
क्या है कांग्रेस की रणनीति? महीष बाथानी इलाका कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करता था। हालांकि, ममता बनर्जी के उदय के साथ ही यह क्षेत्र TMC के पाले में चला गया था। अब ममता की गिरती राजनीतिक साख के बीच, कांग्रेस अपने पुराने गढ़ को वापस हासिल करने की कोशिश में है। कांग्रेस में शामिल हुए नेता शराफत अली का कहना है कि प्रदेश में भाजपा के खिलाफ केवल कांग्रेस ही मजबूती से मोर्चा खोल सकती है।
नंदीग्राम और रेजीनगर में चुनावी हलचल पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव होने हैं। शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद नंदीग्राम की सीट खाली हुई थी। वहीं, रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के बेटे के चुनाव लड़ने के कारण चर्चा में है। दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस को समर्थन देते हुए अपनी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे का नामांकन वापस ले लिया है।
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग का दखल ममता बनर्जी इस समय केवल नेताओं के पलायन से ही नहीं, बल्कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को बचाने की कानूनी लड़ाई से भी जूझ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह अगले 4 महीने के भीतर टीएमसी के दो गुटों के बीच चल रहे इस विवाद पर फैसला ले। कोर्ट ने आयोग को इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने का भी सुझाव दिया है, ताकि फैसला जल्द हो सके।
राजनीतिक घेराबंदी के बीच ममता एक तरफ TMC के भीतर कुणाल घोष जैसे नेताओं के आंतरिक विवाद और सुरक्षा दावों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी के टूटने का सिलसिला जारी है। इन सबके बीच ममता बनर्जी ने खुद को जनता की नेता बताते हुए कहा है कि उनकी पार्टी डरने वाली नहीं है। अब देखना यह होगा कि उपचुनावों के परिणाम ममता की राजनीतिक जमीन को और कमजोर करते हैं या उन्हें नई संजीवनी देते हैं।
*A Completely Fabricated Conspiracy by Kunal Ghosh !!
— 𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚 (@RijuDutta_84) September 28, 2026
Intention -
1. Remove Mamata Banerjee from the media limelight and hog it himself
2. Increase his security by showing severe threat of life
Fact:
1. The attackers are all residents of Kunal Ghosh’s Assembly Beliaghata
2.… pic.twitter.com/eBZt15RJdi
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