छत्तीसगढ़ के कई जिले इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं। खासकर बस्तर संभाग में हालात गंभीर बने हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को सुकमा और बस्तर जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों की मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, आपदा में 172 मवेशियों की भी मौत हुई है।
22 हजार से अधिक लोग प्रभावित बाढ़ के कारण कुल 571 गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 22,377 लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
प्रशासन ने अब तक करीब 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इनके ठहरने के लिए राज्य भर में 173 राहत शिविर बनाए गए हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है।
नुकसान का आंकलन और मुआवजा सीएम साय ने बताया कि मकानों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, 199 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि लगभग 11 हजार घरों को आंशिक क्षति पहुंची है।
सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए खजाना खोल दिया है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ितों को 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है।
शिविरों में बांटे गए चेक सोमवार को राहत शिविरों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ प्रभावित परिवारों को मुआवजे के चेक वितरित किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे राजस्व पुस्तक परिपत्र (RPC) के तहत किया जाएगा और नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
कृषि और रेलवे पर भी असर बाढ़ का पानी कम होते ही कृषि विभाग द्वारा फसलों के नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। वहीं, भारी बारिश और ट्रैक धंसने की घटनाओं के कारण कई जगहों पर रेल सेवा भी बाधित हुई है, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
*आज सुकमा जिले में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा में सहभागी बना और राहत शिविरों का निरीक्षण किया।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 28, 2026
बाढ़ प्रभावित प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ… pic.twitter.com/Jhw9cBHUrY
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