दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ वॉर : CM रेखा गुप्ता का 10-सूत्रीय एक्शन प्लान, जानें क्या बदलेगा?
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सर्दियों के दस्तक देते ही दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बनकर उभरता है। इस बार दिल्ली सरकार ने Delhi Clean Air Action 2026 के तहत कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक साझा लक्ष्य बताते हुए 10 फोकस बिंदुओं पर काम शुरू करने का ऐलान किया है।

नो पीयूसीसी, नो फ्यूल : पेट्रोल पंपों पर सख्ती

वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार No PUCC, No Fuel नीति को मिशन मोड में लागू करने जा रही है। शहर के 500 ANPR-सक्षम पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा। साथ ही, बुराड़ी में नया ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू किया गया है, जिसकी क्षमता सालाना एक लाख वाहनों की जांच करने की है।

निर्माण कार्यों पर पाबंदी

धूल प्रदूषण को रोकने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर विशेष निगरानी रहेगी। 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। निर्माण कचरे के प्रबंधन के लिए Malba App का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा रहा है और निर्माण स्थलों पर कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

37 हॉटस्पॉट्स के लिए लोकल एक्शन

इस बार सरकार वन साइज फिट्स ऑल की जगह स्थानीय स्तर पर कार्रवाई पर ध्यान दे रही है। दिल्ली के 37 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जहाँ 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक मिलकर अपने क्षेत्र की विशिष्ट प्रदूषण समस्याओं का समाधान करेंगे।

विंटर प्रोटोकॉल और वाहनों पर पाबंदियां

1 नवंबर 2026 से दिल्ली में बाहर पंजीकृत और BS-VI मानकों से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगेगी (CNG/EV को छोड़कर)। प्रदूषण के चरम पर होने पर पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी, सरकारी दफ्तरों में कामकाज के समय में बदलाव और 50% वर्क-फ्रॉम-होम जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

औद्योगिक प्रदूषण पर AI की नजर

औद्योगिक इकाइयों की निगरानी के लिए AI-आधारित कमांड सेंटर को सक्रिय किया जा रहा है। प्रदूषण की सटीक जानकारी के लिए मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की गई हैं।

जनभागीदारी: दिल्ली वालों का साथ जरूरी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी मशीनरी के अलावा जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदूषण को कम करने के लिए कचरा न जलाना, वाहन की नियमित जांच और नियमों का पालन करना हर दिल्लीवासी की जिम्मेदारी है। सरकार का उद्देश्य केवल AQI बिगड़ने पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी और तकनीकी निगरानी के जरिए हवा को साफ करना है।

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