पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा फैसला: प्रशासनिक सेवा छोड़ अब राजनीति के अखाड़े में उतरेंगी
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उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब राजनीति में कदम रखने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने भविष्य की योजनाएं साझा कीं, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगी

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दिव्या ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल किसी भी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो रही हैं। उनका इरादा आम जनता के साथ मिलकर एक ऐसा मंच खड़ा करना है, जो सीधे लोगों की समस्याओं और उनके बुनियादी सवालों पर केंद्रित हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें बेटी की तरह प्यार दिया है, इसलिए वह यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी।

मसीहा की तलाश छोड़ें लोग

दिव्या ने जनता से अपील की कि वे किसी एक व्यक्ति को मसीहा मानकर बैठने के बजाय बदलाव की शुरुआत खुद करें। उनका मकसद उन लोगों की आवाज बनना है जिनकी बात सरकारी दफ्तरों की चारदीवारी के भीतर अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि वह देश की उन बुनियादी समस्याओं का हल ढूंढना चाहती हैं, जो दशकों से यथावत बनी हुई हैं।

मिर्जापुर का वह किस्सा, जिसने बदल दी सोच

वीडियो में दिव्या ने मिर्जापुर के लहुरियादह का एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक महिला ने उनसे पानी या पेंशन नहीं, बल्कि गांव में स्कूल की अगली कक्षाएं शुरू करने की मांग की थी। इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि लोग अपनी शिक्षा और भविष्य के प्रति कितने सजग हैं, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पा रहा है।

इस्तीफे पर छिड़ी थी सियासी जंग

दिव्या के इस्तीफे के बाद यूपी की राजनीति में काफी गर्माहट देखी गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा के कार्यकाल में आईएएस अधिकारियों का मनोबल गिरा है और 2017 के बाद से कई अधिकारियों ने या तो इस्तीफा दिया है या वीआरएस लिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया था।

13 साल की सेवा का समापन

दिव्या मित्तल 2013 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी थीं। 30 अगस्त को उन्होंने निजी कारणों और पारिवारिक प्राथमिकताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने 15 सितंबर से प्रभावी कर दिया। अब एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में लंबा अनुभव रखने के बाद, दिव्या का जन-नेता बनने का सफर कैसा रहेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

दिव्या ने जनता से जुड़ने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर (9198956957) भी साझा किया है, ताकि वे सीधे लोगों की दिक्कतों से रूबरू हो सकें।

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