दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में कारोबार को सरल बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर के लिए सरकारी बाधाओं को कम करना है ताकि निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
सरल नियम और तेज मंजूरी पर जोर मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जहां कारोबारियों को जटिल कागजी प्रक्रियाओं में न उलझना पड़े। इस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पहल का मुख्य फोकस चार स्तंभों पर है: सरल नियम, त्वरित क्लियरेंस, आसान क्रेडिट और मजबूत सरकारी सहयोग।
डिजिटल क्रांति: उद्योग मित्र पोर्टल दिल्ली सरकार की एकल खिड़की व्यवस्था के रूप में उद्योग मित्र पोर्टल सक्रिय है। यहाँ पंजीकरण (Registration), एनओसी (NOC) और लाइसेंस जैसी 100 से अधिक सेवाएं डिजिटल रूप में उपलब्ध हैं। यह पोर्टल न केवल आवेदन लेने का माध्यम है, बल्कि समयबद्ध तरीके से मंजूरियां दिलाने का एक डिजिटल जरिया भी बन गया है।
MSME के लिए वित्तीय सुरक्षा कवच छोटे कारोबारियों को पूंजी की कमी से न जूझना पड़े, इसके लिए दिल्ली क्रेडिट गारंटी स्कीम (DCGS) प्रभावी है। इस योजना के तहत 10 करोड़ रुपये तक के लोन पर सरकार गारंटी कवरेज देती है, जिसमें कई मामलों में कोलैटरल-फ्री (बिना गिरवी) ऋण की भी सुविधा शामिल है। यह पहल छोटे उद्यमों को विस्तार देने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
आपसी समन्वय के लिए बिजनेस फैसिलिटेशन काउंसिल अक्सर कारोबारियों को अलग-अलग विभागों (जैसे MCD, DDA, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसे सुलझाने के लिए सरकार बिजनेस फैसिलिटेशन काउंसिल के जरिए अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों से जुड़ी मंजूरियों को एक ही छत के नीचे या समन्वय के साथ निपटाना है।
कानूनी बदलावों से मिली मजबूती दिल्ली विधानसभा ने जन विश्वास बिल और शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट अमेंडमेंट बिल जैसे महत्वपूर्ण विधायी उपाय किए हैं। साथ ही, टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज कानून के जरिए सरकारी सेवाओं को एक निश्चित समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य बना दिया गया है, जिससे कारोबारियों का बहुमूल्य समय बचेगा।
प्रॉपर्टी और पंजीकरण में पारदर्शिता केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि संपत्ति पंजीकरण और उससे जुड़ी जानकारी के लिए भी राजस्व विभाग ने ई-सब रजिस्ट्रार और प्रॉपर्टी इंफॉर्मेशन सिस्टम को ऑनलाइन किया है। इससे संपत्ति से संबंधित सर्च और अपॉइंटमेंट जैसी प्रक्रियाएं घर बैठे संभव हो गई हैं।
निष्कर्ष: क्रियान्वयन की असली परीक्षा मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रशासनिक जटिलता घटने से स्टार्टअप्स को बल मिलेगा और आर्थिक विकास की गति बढ़ेगी। हालांकि, इस नीति की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जमीन पर उतरती है। दिल्ली सरकार का यह सेवा संकल्प अभियान यदि सही ढंग से लागू हुआ, तो राजधानी का कारोबारी माहौल पूरी तरह बदल सकता है।
Delhi Government is strengthening Ease of Doing Business with simpler regulations, faster clearances, easier access to credit and stronger support for traders, MSMEs and startups.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 28, 2026
Less complexity. More enterprise. More investment. More rozgar.#SevaSankalpAbhiyan pic.twitter.com/zZgCAhlNlc
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