सऊदी अरब ने साल 2027 के हज सीजन के लिए अपनी कमर कस ली है। हज और उमरा मंत्रालय ने विदेशी जायरीनों के लिए एक व्यापक ऑल-इन-वन सेवा पैकेज पेश किया है। इस नई पहल का उद्देश्य दुनिया भर से आने वाले लाखों मुसलमानों की हज यात्रा को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
क्या है यह नया पैकेज? यह एक इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट आधारित सिस्टम है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक पाथ प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा। इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हज यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जरूरत को एक ही जगह समाहित कर दिया गया है। अब जायरीनों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी।
एक पैकेज में मिलेंगी चार मुख्य सुविधाएं मंत्रालय के अनुसार, इस व्यापक पैकेज में चार बुनियादी सेवाएं शामिल हैं:
इसके अतिरिक्त, जायरीनों के लिए कई वैकल्पिक और प्रीमियम सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिन्हें वे अपनी जरूरत के अनुसार चुन सकेंगे।
जायरीनों को होगा सीधा फायदा भारतीय मुसलमानों सहित दुनिया भर के जायरीनों के लिए यह व्यवस्था एक बड़ी राहत है। पहले अक्सर अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे भ्रम की स्थिति बनती थी। अब एक ही कॉन्ट्रैक्ट के तहत सभी सेवाएं मिलने से यात्रा में धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और जायरीनों का समय बचेगा।
विजन 2030 और डिजिटल हज सऊदी सरकार अपने विजन 2030 के तहत हज अनुभव को विश्वस्तरीय बनाना चाहती है। इस उद्देश्य से मंत्रालय ने 75 से अधिक देशों के हज प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का मुख्य लक्ष्य यह है कि वीजा से लेकर ठहरने तक की पूरी प्रक्रिया को एक ही डिजिटल सिस्टम के दायरे में लाया जाए।
तैयारियां जोरों पर सऊदी प्रशासन 2027 (1448 हिजरी) के हज के लिए अभी से पूरी तरह सक्रिय है। इस डिजिटल पैकेज के जरिए न केवल व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि इससे विदेशी हज एजेंसियों को भी अपने समूहों के लिए बेहतर और लचीले प्रोग्राम बनाने में मदद मिलेगी। इस बदलाव से आने वाले वर्षों में हज यात्रा का अनुभव पूरी तरह से आधुनिक और सुगम होने की उम्मीद है।
تتيح «الباقة الشاملة» لحجاج الخارج القادمين عبر مكاتب شؤون الحجاج ووكالات الحج الخارجية، الحصول على جميع الخدمات الأساسية لرحلة الحج ضمن باقة واحدة، بإجراءات رقمية ميسّرة وموثوقة.#حياكم_الله pic.twitter.com/YsvFNPeMlO
— وزارة الحج والعمرة (@HajMinistry) September 28, 2026
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