बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत पर सवाल उठाकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोमवार को एक प्रेसवार्ता में मायावती ने सीधे तौर पर BJP पर नगीना लोकसभा सीट पर EVM में धांधली करने का आरोप लगाया है।
चंद्रशेखर मोहरा , जीत धांधली का नतीजा? मायावती का दावा है कि नगीना में चंद्रशेखर आजाद का कोई जनाधार नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने मायावती की पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से EVM में खेल किया और चंद्रशेखर को जिताया। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, चंद्रशेखर ने BJP के ओम कुमार को करीब 1.5 लाख वोटों के बड़े अंतर से हराया था, जबकि बसपा उम्मीदवार बेहद कम वोटों पर सिमट गए थे।
दलित युवाओं को गुमराह कर रहे चंद्रशेखर मायावती ने केवल चुनावी जीत पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि चंद्रशेखर की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर BJP के इशारे पर काम करते हैं। उनके मुताबिक, दलितों पर अत्याचार के मामलों में चंद्रशेखर विरोध-प्रदर्शन के नाम पर युवाओं को आगे कर देते हैं, जिससे उन पर मुकदमे दर्ज हो जाते हैं और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। बसपा प्रमुख ने दलित समाज को ऐसी भड़काऊ राजनीति से बचने की सलाह दी।
EVM पर फिर सवाल, बैलेट पेपर की मांग EVM की विश्वसनीयता पर मायावती ने फिर से सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि VVPAT की पर्चियों की 100% गिनती न होना लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने मांग की कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए EVM के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि मतदाताओं के मन से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उपजे संदेह को दूर किया जाए।
2027 की बिसात: क्या दलित वोटों को जोड़ने की कवायद है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती का यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है। पार्टी के पारंपरिक दलित और अति पिछड़े वोट बैंक में चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती पैठ को देखते हुए मायावती अपनी जमीन वापस पाने के लिए सक्रिय हो गई हैं।
इस बयान के जरिए मायावती ने एक साथ दो निशाने साधे हैं—पहला, चंद्रशेखर आजाद को BJP का एजेंट बताकर उनकी विश्वसनीयता कम करना और दूसरा, EVM का मुद्दा उठाकर दलित मतदाताओं के बीच अपनी पार्टी के प्रति सहानुभूति और विश्वास फिर से कायम करना।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती की यह आक्रामक रणनीति बसपा को कितनी मजबूती देगी, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, नगीना की जीत पर उठा यह विवाद यूपी की सियासत का नया केंद्र बन गया है।
28-09-2026 - PRESS NOTE EVM-SIR pic.twitter.com/fSsZx3BHmg
— Mayawati (@Mayawati) September 28, 2026
चंद्रशेखर की जीत EVM का खेल : मायावती का बड़ा हमला, क्या 2027 के लिए दलित वोट बैंक पर फिर जमा रही हैं पकड़?
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