मलयालम सिनेमा और थिएटर जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का बुधवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं।
कोझिकोड स्थित घर पर ली अंतिम सांस सावित्री श्रीधरन काफी समय से अस्वस्थ थीं और बिस्तर पर थीं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार को केरल के कोझिकोड स्थित मंगावु में उन्होंने अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
चार दशकों का शानदार सफर सावित्री श्रीधरन का अभिनय करियर करीब चार दशक लंबा रहा। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में अभिनय की शुरुआत की थी। वे दो दशक तक रंगमंच से गहराई से जुड़ी रहीं। प्रख्यात नाटककार के.टी. मोहम्मद के नाटक दीपास्तंभम महाश्चर्यम ने उनके करियर को नई ऊंचाइयां दीं। उनके रंगमंच में योगदान के लिए उन्हें केरल संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया से मिली वैश्विक पहचान सावित्री ने 1991 में फिल्म कडावु से सिनेमाई पारी शुरू की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 2018 की सुपरहिट फिल्म सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया में निभाई गई जमीला (अम्मा) की भूमिका से मिली। इस किरदार ने दर्शकों के दिलों को छू लिया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड के स्पेशल मेंशन और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
यादगार रहे सपोर्टिंग रोल अपने करियर में उन्होंने वायरस , मेरा नाम शाजी , इत्तिमानी: मेड इन चाइना और पाडा जैसी कई फिल्मों में मां और दादी के यादगार सपोर्टिंग रोल निभाए। हाल के वर्षों में भी वे क्रिस्टी और वयसेत्रयायी? मुप्पथी..!! जैसी फिल्मों में सक्रिय रहीं। उनका अभिनय कौशल आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
Rest in peace🕊️
— Morvin Edward (@morvinedward) September 23, 2026
Your warmth and beautiful presence in Sudani from Nigeria will always be remembered✨#SavithriSreedharan pic.twitter.com/teFvPYiqus
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