चुनाव आयोग के भीतर महा-संग्राम : क्या SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल लोकतंत्र के लिए खतरा?
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर जारी आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है। आयोग के दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कामकाज को लेकर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई हैं। यह खुलासा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

मनोज झा का तीखा हमला: CEC दें इस्तीफा राजद सांसद मनोज झा ने इस रिपोर्ट को लोकतंत्र के लिए चेतावनी बताया है। झा का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने दोनों आयुक्तों की आपत्तियों और चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा, अगर इस खुलासे के बाद भी CEC अपने पद पर बने रहते हैं, तो जनता का जो थोड़ा-बहुत भरोसा बचा है, वह भी खत्म हो जाएगा। झा ने तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए इसे लोकतंत्र को अंधे कुएं में धकेलने की साजिश करार दिया है।

Form-6 और अवैध बदलावों पर विवाद रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद की सबसे बड़ी जड़ मतदाता पंजीकरण फॉर्म (Form-6) में किया गया बदलाव है। चुनाव आयुक्तों ने इसमें शामिल एक अतिरिक्त सवाल की वैधानिकता पर सवाल उठाए थे। सुखबीर सिंह संधू ने इस बदलाव को अनधिकृत और अवैध करार देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की थी। ये आपत्तियां स्पष्ट करती हैं कि आयोग के भीतर महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर भारी खींचतान चल रही थी।

वोटर डेटा और सॉफ्टवेयर पर गंभीर चिंताएं सिर्फ फॉर्म ही नहीं, बल्कि मतदाता डेटा के केंद्रीकरण और EROs (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) की तकनीकी पहुंच को लेकर भी आयुक्तों ने गंभीर चिंताएं जताई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, गोवा का एक मामला भी सामने आया है, जहां पात्र पाए गए 97 मतदाताओं के नाम सॉफ्टवेयर की खामी के कारण अंतिम सूची में दर्ज नहीं हो सके। पश्चिम बंगाल में अपील मामलों की प्रक्रिया पर भी आयुक्तों ने सवाल उठाए थे।

आयोग का पक्ष: सब कुछ ठीक है इन सनसनीखेज खुलासों के बीच चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि किसी भी प्रकार का कोई आंतरिक मतभेद नहीं है। आधिकारिक बयान के अनुसार, SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं। हालांकि, 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज होने की खबर ने आयोग की कार्यशैली को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।

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