कॉफी, लैपटॉप और आम जनता: बिना सुरक्षा गार्डों के कैफे में काम करते दिखे आर्मेनिया के प्रधानमंत्री
News Image

येरेवान: आम तौर पर किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का नाम सुनते ही जहन में भारी-भरकम सुरक्षा घेरा, बंद सड़कें और वीआईपी काफिलों की तस्वीर उभरती है। लेकिन आर्मेनिया में एक ऐसा नजारा दिखा जिसने इन सभी धारणाओं को तोड़ दिया है। वहां के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान को एक आम पब्लिक कैफे में अपनी कॉफी के साथ लैपटॉप पर सरकारी काम निपटाते देखा गया।

बिना तामझाम का सादगी भरा अंदाज वायरल हो रहे वीडियो में पशिनयान एक साधारण लकड़ी की मेज पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनके आसपास आम लोग अपनी कॉफी का आनंद ले रहे हैं, और कोई भी उन्हें परेशान नहीं कर रहा है। न तो वहां सुरक्षाकर्मियों का कोई घेरा है और न ही कैफे में वीआईपी मूवमेंट के कारण कोई हलचल। सफेद शर्ट और टाई पहने पशिनयान बेहद एकाग्र होकर अपने लैपटॉप पर काम कर रहे हैं।

खुद चुकाया बिल, डिजिटल इंडिया की याद दिलाई वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह है जब कैफे का वेटर बिल लेकर आता है। किसी सुरक्षा अधिकारी या पीए के बजाय, प्रधानमंत्री पशिनयान ने खुद अपना स्मार्टफोन निकाला और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट (डिजिटल भुगतान) के जरिए बिल का भुगतान किया। उनका यह सहज व्यवहार लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है।

कौन हैं निकोल पशिनयान? पशिनयान की सादगी सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। पत्रकारिता से राजनीति में आए पशिनयान 2018 में आर्मेनिया की वेलवेट रिवोल्यूशन (शांतिपूर्ण क्रांति) के मुख्य नेता थे। सत्ता में आने के बाद से ही उन्होंने अपनी आम आदमी वाली छवि को बरकरार रखा है। वह अक्सर साइकिल चलाते या बिना किसी तामझाम के सड़कों पर घूमते देखे जाते हैं।

वीआईपी कल्चर पर एक कड़ा तमाचा दुनिया भर में अक्सर राजनेताओं और जनता के बीच सुरक्षा की एक अभेद्य दीवार होती है। पशिनयान का यह कदम कई संदेश देता है:

क्या यह सिर्फ दिखावा है? राजनीतिक गलियारों में इसे इमेज बिल्डिंग की रणनीति भी कहा जा सकता है। आलोचकों का मानना है कि ऐसे कदम अक्सर जनता का ध्यान मुख्य समस्याओं से भटकाने के लिए उठाए जाते हैं। हालांकि, समर्थकों और जानकारों का कहना है कि पशिनयान की यह शैली उनकी पत्रकारिता के दिनों से ही रही है। वे शुरू से ही सादगी और जमीनी जुड़ाव के पक्षधर रहे हैं।

चाहे यह रणनीति हो या स्वभाव, आर्मेनियाई प्रधानमंत्री की इस तस्वीर ने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद भी आम जीवन जीना संभव है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

UP: सरेराह शिक्षक की बर्बर पिटाई, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

Story 1

UNSC में भारत की बड़ी जीत, यूरोप के 4 देशों ने स्थायी सदस्यता के लिए भरी हुंकार

Story 1

ओडिशा शिक्षा विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी ने तेज किया आंदोलन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Story 1

IND vs JPN: अक्षर पटेल की वाइड गेंद पर मचा बवाल, जानिए आखिर अंपायर ने क्यों पलटा अपना फैसला?

Story 1

मुख्यधारा मीडिया को कैंसर बताने के बाद ट्रंप ने लॉन्च किया अपना टीवी नेटवर्क, CNN पहुंचा कोर्ट

Story 1

IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या: प्रोफेसर डूला का बचाव करते हुए फैकल्टी फोरम ने दी सफाई

Story 1

देवभूमि के नन्हे बच्चों का भक्तिमय जादू; प्रार्थना सभा में गूंजा हनुमान भजन , वीडियो हुआ वायरल

Story 1

जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव ढेर

Story 1

सादगी के कायल हुए लोग: सीएम विजय ने चटाई पर बैठकर बच्चों संग किया नाश्ता

Story 1

जमुई कांड: मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर, वीडियो वायरल करने वालों पर भी सरकार सख्त