बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों से हुई 30 से अधिक बच्चों की मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कन्वीनर अभिजीत दिपके के दौरे ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है।
पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे दिपके अभिजीत दिपके ने हाल ही में अडोरी, कोरका और बोंडारी गांवों का दौरा किया। उन्होंने उन शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने हालिया स्वास्थ्य संकट में अपने बच्चों को खो दिया है। दिपके का कहना है कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और प्रशासन की विफलता को उजागर करना है।
प्रशासन पर तीखे सवाल दौरे के दौरान दिपके ने प्रशासन की निष्क्रियता पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने मौतों के आंकड़े तो स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि वे केवल जवाबदेही तय करने के लिए यहां आए हैं।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जबलपुर हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच ने स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल विकास विभाग से जवाब मांगा है।
क्या हैं जमीनी हालात? जनहित याचिका (PIL) में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। याचिका के मुताबिक:
लाशों पर सियासत का आरोप दिपके के इस दौरे के दौरान पत्रकारों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इस त्रासदी पर राजनीति कर रहे हैं, तो माहौल गरमा गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिपके को कड़े सवालों का सामना करते देखा जा सकता है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय जनता और मीडिया भी इस मामले में जवाबदेही को लेकर कितनी सजग है।
फिलहाल, देखना यह है कि हाई कोर्ट में सरकार का क्या जवाब आता है और क्या पीड़ितों को वास्तव में न्याय मिल पाएगा, या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजियों तक सिमट कर रह जाएगा।
*जब मध्यप्रदेश के बालाघाट पहुंचे अभिजीत दीपके तो सवालों से हुआ कुछ यूँ सामना ! pic.twitter.com/JtqZ6gR6Ru
— Meenakshi Joshi (@IMinakshiJoshi) September 12, 2026
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