मैं फिर आऊंगा... : अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का भारत दौरा, मणिपुर से दार्जिलिंग तक की खास झलक
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भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना, आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझना था।

मणिपुर में राज्यपाल और सीएम से अहम मुलाकात

अपनी इंफाल यात्रा के दौरान, सर्जियो गोर ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से उच्चस्तरीय बैठक की। इस चर्चा में दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राजदूत ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक को बेहद प्रेरणादायक बताया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के प्रसिद्ध संगाई महोत्सव में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे राजदूत ने सहर्ष स्वीकार किया।

विरासत और विकास की तारीफ

सर्जियो गोर ने मणिपुर की सांस्कृतिक धरोहरों का भी अवलोकन किया। उन्होंने ऐतिहासिक कांगला किले का दौरा किया और दुनिया के सबसे अनोखे महिला-संचालित बाजार ख्वैरामबंद ईमा कैथल की सराहना की। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जमकर प्रशंसा की।

दार्जिलिंग की प्राकृतिक सुंदरता से हुए प्रभावित

मणिपुर से पहले, राजदूत ने पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला के निमंत्रण पर दार्जिलिंग का दौरा किया। वहां के आतिथ्य सत्कार, प्राकृतिक छटा और स्थानीय लोगों के मिलनसार स्वभाव से वे बेहद प्रभावित दिखे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वादा किया कि वे इस खूबसूरत जगह पर दोबारा जरूर लौटेंगे।

चाय के बागानों में बिताया खास समय

दार्जिलिंग की अपनी यात्रा में गोर ने वहां के विश्व प्रसिद्ध चाय बागानों का भी रुख किया। उन्होंने ऐतिहासिक मकईबाड़ी टी एस्टेट में दार्जिलिंग चाय की चुस्की ली और बागानों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने क्षेत्र की परंपराओं और समृद्ध इतिहास की सराहना करते हुए इसे भारत की विविधता का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।

यह दौरा कूटनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास के सेतु को और भी मजबूत करने का काम करेगा।

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