दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सदस्य देशों से साफ तौर पर कहा है कि अब आपसी व्यापार में अमेरिकी डॉलर का मोह त्यागने का समय आ गया है।
अपनी करेंसी में करें कारोबार ईरानी राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी-अपनी मुद्रा (जैसे रुपया, रियाल, रूबल) में लेन-देन बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय ढांचा एक या दो मुद्राओं पर टिका है, जिसके कारण राजनीतिक अनिश्चितता या प्रतिबंधों का सीधा असर अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है।
न्यू डेवलपमेंट बैंक की भूमिका पर जोर पेजेशकियान ने ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को और अधिक सक्रिय बनाने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि बैंक को सदस्य देशों के बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और सड़क परियोजनाओं के लिए स्थानीय मुद्रा में कर्ज देना चाहिए। इससे सदस्य देश डॉलर पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आर्थिक संप्रभुता बनाए रख पाएंगे।
आर्थिक प्रतिबंधों को बताया चुनौती ईरानी राष्ट्रपति ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते आर्थिक प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज आर्थिक साधनों का इस्तेमाल देशों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। ब्रिक्स का असली उद्देश्य इसी एकतरफावाद और किसी एक देश की आर्थिक मनमानी को खत्म करना है।
सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखे बदलाव ब्रिक्स की ताकत को परिभाषित करते हुए पेजेशकियान ने कहा कि संगठन की सफलता केवल बड़े आकार की अर्थव्यवस्था होने में नहीं है। असली ताकत तब दिखेगी जब आपसी व्यापार, निवेश और साझा प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारा जाएगा।
पीएम मोदी के साथ अहम बैठक इस शिखर सम्मेलन के इतर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। इस दौरान व्यापार, बैंकिंग और नई तकनीकों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। ईरान की यह सख्त मांग वैश्विक वित्तीय तंत्र में बड़े बदलावों के संकेत दे रही है।
#WATCH | Delhi: At Leaders Session of BRICS Business Forum, Iranian President Masoud Pezeshkian says, One of the most important steps is to expand the use of national currencies in trade among the members. This step must be accompanied by the establishment of the necessary… pic.twitter.com/wcz8eJwi4w
— ANI (@ANI) September 11, 2026
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