ब्रिक्स बिजनेस फोरम: भारत ग्लोबल सॉल्यूशन का केंद्र , 4 से 21 देशों का परिवार बना ब्रिक्स
News Image

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक समाधानों का केंद्र बताते हुए समूह की बढ़ती ताकत पर जोर दिया। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित इस मंच पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेताओं ने भाग लिया।

ब्रिक्स का विस्तार: 4 से 21 देशों का शक्तिशाली परिवार

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ यह समूह अब सदस्य और पार्टनर देशों को मिलाकर 21 देशों का बड़ा परिवार बन चुका है। ब्रिक्स देश अब वैश्विक आबादी का आधा हिस्सा और वैश्विक जीडीपी का 40% प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों की अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों में दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से विकसित हुई है।

पीएम मोदी की 10 अहम बातें

  1. ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर चुका है।
  2. 21 देशों का परिवार वैश्विक जीडीपी में 40% हिस्सेदारी रखता है।
  3. वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स का योगदान 25% से अधिक है।
  4. भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक समस्याओं का समाधान देने वाला केंद्र है।
  5. यूपीआई (UPI) ने भारत में डिजिटल लेनदेन की तस्वीर बदल दी है।
  6. ऊर्जा क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन और नई तकनीकों पर भारत का विशेष फोकस है।
  7. भारत ने अब तक 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।
  8. व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए शीर्ष 10 चुनौतियों की पहचान करना जरूरी है।
  9. डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए नए समाधान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
  10. ब्रिक्स अब केवल आर्थिक मंच नहीं, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सहयोग का स्तंभ है।

मोदी-पुतिन की अहम द्विपक्षीय वार्ता

फोरम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 45 मिनट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा सहयोग पर चर्चा की गई। राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। बातचीत के दौरान मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी संकट पर भी चर्चा हुई, जहां मोदी ने शांति और कूटनीति का संदेश दोहराया। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में बैठकर इंडस्ट्रियल एग्जिबिशन देखने पहुंचे।

वैश्विक चुनौतियों पर ईरान का रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया इस वक्त एक कठिन दौर से गुजर रही है। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं का जिक्र किया। पेजेशकियान ने सुझाव दिया कि ब्रिक्स की वास्तविक शक्ति तभी फलीभूत होगी जब सदस्य देश अपनी आर्थिक क्षमताओं को संयुक्त वित्तीय नेटवर्क और निवेश के जरिए एक-दूसरे से जोड़ेंगे।

भारत का विजन: ग्लोबल साउथ की आवाज

भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास (Sustainability) को प्राथमिकता दे रहा है। भारत का लक्ष्य एआई (AI), खाद्य सुरक्षा और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों के जरिए विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मालदा में गंगा का रौद्र रूप: 175 साल पुराना शिव मंदिर जलमग्न, 62 गांव बाढ़ की चपेट में

Story 1

मिर्जापुर मूवी पर संकट: शूरवीर गाने के इस्तेमाल पर बवाल, महाराणा प्रताप के अपमान का आरोप

Story 1

लंदन में विराट कोहली और सीएम शिंदे की मुलाकात, खेल और विकास पर हुई खास चर्चा

Story 1

लंदन में हुई खास मुलाकात: एकनाथ शिंदे और विराट कोहली ने की महाराष्ट्र के भविष्य पर चर्चा

Story 1

बैंक हड़ताल: सरकारी सेवाओं पर गहरा असर, जानें क्या खुला है और क्या बंद

Story 1

गुजरात में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स पर बवाल, परेश रावल का तीखा सवाल- क्या ये पाकिस्तान में है?

Story 1

पुतिन का दावा: रूस पर 30 हजार प्रतिबंधों का प्रहार, फिर भी हमारी विकास दर दुनिया से आगे

Story 1

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: मोदी-पुतिन की गर्मजोशी और 2100 साल पुरानी शांति दूत किताब

Story 1

इंद्रायणी घाट पर वसूली का खूनी खेल: बाल पकड़कर बरसाए लात-घूंसे, बीच-बचाव करने वाले को भी पीटा

Story 1

145 साल की परंपरा: नागपुर में काली-पीली का मिलन, बड़ग्या के जरिए तीखे राजनीतिक कटाक्ष