पुतिन का दावा: रूस पर 30 हजार प्रतिबंधों का प्रहार, फिर भी हमारी विकास दर दुनिया से आगे
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ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा अब बदसूरत रूप ले चुकी है, जहां सरकारी स्तर पर साजिशें रची जा रही हैं।

प्रतिबंधों का महा-रिकॉर्ड : रूस पर दुनिया से दोगुनी मार

पुतिन ने बताया कि रूस पर अब तक 30,000 से अधिक प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। यह संख्या दुनिया के बाकी सभी देशों पर लगे कुल प्रतिबंधों से भी दोगुनी है। उनका कहना है कि रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए हर संभव कोशिश की गई, लेकिन ये तमाम दबाव नाकाम रहे।

उन्होंने गर्व से कहा कि इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद रूस की आर्थिक विकास दर पिछले तीन वर्षों में वैश्विक औसत से बेहतर रही है। उनके अनुसार, प्रतिबंधों ने रूस को तोड़ने के बजाय उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता को और अधिक मजबूत किया है।

साजिशों की राजनीति पर पुतिन की खरी-खरी

रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक स्तर पर चल रही साजिशों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा अब शारीरिक नुकसान तक पहुंच गई है। उन्होंने पाइपलाइनों को नष्ट करने, समुद्री जहाजों को जब्त करने और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को बाधित करने जैसी घटनाओं का हवाला दिया। साथ ही, उन्होंने उन देशों के प्रति सहानुभूति जताई, जिन्हें अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने पर सेकेंडरी प्रतिबंधों की धमकी दी जाती है।

दुनिया के नए ग्रोथ इंजन बन रहे उभरते देश

पुतिन ने साफ किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब गहरे और बुनियादी बदलावों से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में आर्थिक विकास के अगुआ रहे पुराने लीडर देश अब पीछे छूट रहे हैं।

हालांकि पुतिन ने स्वीकार किया कि इन पुराने विकसित देशों के पास आज भी मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संस्थान मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया का एक ही केंद्र पर टिके रहना न तो संभव है और न ही कुदरत का नियम।

बदलाव की बयार: दबाव की राजनीति का अंत

पुतिन का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संतुलन में आ रहा यह बदलाव ऐतिहासिक और अपरिहार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिबंधों और पाबंदियों के जरिए किसी देश की अर्थव्यवस्था को दबाने का दौर समाप्त हो रहा है। ब्रिक्स देशों की आपसी साझेदारी यह साबित कर रही है कि निष्पक्ष नीतियों और सहयोग के जरिए दुनिया का नया आर्थिक ढांचा तैयार हो रहा है।

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