सोनीपत से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने समाज में रिश्तों की गिरती साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 74 वर्षीय शिवचरण गुप्ता ने वृद्धाश्रम में दम तोड़ दिया, लेकिन जीवन भर बेटियों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाने वाले इस पिता को अंतिम विदाई देने के लिए उनकी तीनों बेटियां नहीं पहुंचीं।
आखिरी इच्छा रही अधूरी शिवचरण जी सोनीपत के वेस्ट राम नगर स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे थे। पत्नी के निधन के बाद वे अकेले पड़ गए थे। लंबे समय से बीमार चल रहे शिवचरण जी की बस एक ही ख्वाहिश थी कि वे अपने आखिरी पलों में अपनी बेटियों को देख सकें। आश्रम प्रशासन ने 20 दिन पहले ही बेटियों को उनके पिता की नाजुक स्थिति की जानकारी दे दी थी, लेकिन कोई नहीं आया।
वीडियो कॉल पर ही सिमट गई बेटियां जब शिवचरण जी का निधन हुआ, तो आश्रम प्रबंधन ने उनकी बेटियों अनिता, निशा और प्रिया को सूचना दी। बेटियों ने आने के बजाय व्यस्तता का हवाला दिया। उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए 5,100 रुपये भेजे और कर्मचारियों से कहा कि पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग उन्हें भेज दी जाए। इतना ही नहीं, अंत्येष्टि के दौरान वे खुद आने के बजाय वीडियो कॉल पर ही पिता को अंतिम विदाई देखती रहीं।
बेटे का फर्ज निभाया आश्रम के लोगों ने जब परिवार के नाम पर कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा, तो वृद्धाश्रम के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने आगे आकर बेटे का फर्ज निभाया। उन्होंने पूरे सम्मान के साथ शिवचरण जी की अंतिम यात्रा निकाली और उनका मुखाग्नि संस्कार किया। इस मौके पर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
अस्थियां लेने से भी किया इनकार संवेदनाओं के पतन की पराकाष्ठा तब देखने को मिली, जब अस्थियां विसर्जित करने की बात आई। बेटियों ने परिजनों की जिम्मेदारी निभाने से साफ इनकार करते हुए आश्रम प्रबंधन से ही उन्हें गंगा में प्रवाहित करने का अनुरोध किया।
सोशल मीडिया पर आक्रोश इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। लोग इस कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं। यह महज एक पिता और बेटियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस दर्दनाक सच्चाई को बयां करती है जहां बेटियां काबिल तो बन गईं, लेकिन संस्कार और मानवीय संवेदनाओं के मामले में पीछे छूट गईं। इस घटना ने बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा और अकेलेपन के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
*₹5,100 sent. A video call attended. But no one came to their father s funeral. 💔
— Neha Agarwal (@Nehaagarwal_97) August 6, 2026
A 74-year-old man passed away in an old-age home. His daughters asked the staff to perform the last rites, saying they would watch the cremation over a video call after sending ₹5,100 online. pic.twitter.com/frzZfvd6AT
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