संभल हिंसा पर बवाल: सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का पलटवार, कहा- क्या पत्थर से गोली चलती है?
News Image

संभल हिंसा मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश की गई न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा को पूर्व नियोजित बताते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट का दावा: हिंसा एक साजिश थी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सर्वे के नाम पर मुस्लिम समुदाय को गुमराह किया गया। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि हिंसा के दौरान जिन गोलियों से मौतें हुईं, वे पुलिस द्वारा नहीं चलाई गई थीं। रिपोर्ट का आरोप है कि उपद्रवियों ने पुलिस के हथियार लूटने का प्रयास किया था।

बर्क का तीखा हमला: यह सरकार की स्क्रिप्ट है रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, यह रिपोर्ट पूरी तरह से एक झूठी कहानी पर आधारित है। एसआईटी (SIT) ने केवल सरकार की दी हुई स्क्रिप्ट को ही पेश किया है। मैं इस बेबुनियाद रिपोर्ट से बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं।

पत्थर से गोली कैसे चल सकती है? बर्क ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास सीसीटीवी, ड्रोन फुटेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, मीडिया कवरेज में साफ दिख रहा था कि पुलिस फायरिंग कर रही थी। हमारे किसी भी समर्थक के हाथ में हथियार का एक भी फुटेज नहीं है। अगर पुलिस के पास हथियार का वीडियो नहीं है, तो गोली कहां से चली? अगर किसी के पास जवाब हो कि पत्थर से गोली चलती है, तो मैं चुप हो सकता हूं।

जनता को बदनाम करने की साजिश सपा सांसद ने इसे संभल के निर्दोष लोगों और एक विशेष समुदाय को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रिपोर्ट पहले से ही तय थी और सरकार को अपनी मर्जी के परिणाम ही चाहिए थे, तो जांच के नाम पर सरकारी धन और जनता का पैसा बर्बाद करने की क्या आवश्यकता थी?

इंसाफ की उम्मीद बरकरार बर्क ने अंत में कहा कि एसआईटी न्यायपालिका का विकल्प नहीं है, वह केवल एक रिपोर्ट दे सकती है। उन्होंने संविधान और न्यायपालिका पर अपना भरोसा जताते हुए कहा कि भले ही आज झूठ का सहारा लिया जा रहा हो, लेकिन समय बदलने पर सच जरूर सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, एक झूठ को छिपाने के लिए आज सरकार को दस झूठ बोलने पड़ रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पालतू कुत्ते को बचाने वाला छोटा हीरो : असम सीएम ने रिदिप के परिवार से की मुलाकात, सौंपा 5 लाख का चेक

Story 1

गूगल को बड़ा झटका: 27 साल पुराने दिग्गज इंजीनियर समेत 4 AI विशेषज्ञों ने छोड़ी कंपनी, शुरू किया नया स्टार्टअप

Story 1

रांची का छात्र आंदोलन: सरकार ने साधी बातचीत की राह, क्या निकलेगा समाधान?

Story 1

हिमाचल में कुदरत का कहर: निगुलसरी में पत्थरों की बारिश, मनाली-शिमला में थमा यातायात

Story 1

हम राजनीतिक विरोधी हैं, दुश्मन नहीं : राहुल गांधी संग मुलाकात के बाद नरम पड़े किरेन रिजिजू

Story 1

WTC Points Table: पाकिस्तान की बड़ी छलांग, भारत को पछाड़ आगे निकला बांग्लादेश

Story 1

बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश: रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, लेकिन विरोध का रास्ता जारी

Story 1

असम को मिलेगी एयरस्ट्रिप जैसी रफ्तार: गुवाहाटी-तेजपुर बनेगा 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे

Story 1

क्या UPI पर लगेगा चार्ज? जयराम रमेश का बड़ा दावा- ट्रंप के दबाव में डिजिटल मार्केट खोल रही सरकार

Story 1

कॉकरोच जनता पार्टी का एक्शन प्लान : युवाओं की नई टीम के साथ बदली राजनीति की बिसात