असम को मिलेगी एयरस्ट्रिप जैसी रफ्तार: गुवाहाटी-तेजपुर बनेगा 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे
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पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी की एक नई तस्वीर उभरने वाली है। केंद्र सरकार ने असम में गुवाहाटी से तेजपुर के बीच 135 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 8,970 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

मौजूदा NH-15 का होगा कायापलट यह हाईवे मौजूदा नेशनल हाईवे NH-15 को अपग्रेड करके बनाया जाएगा। बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक बनने वाला यह कॉरिडोर बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल पर तैयार होगा। सरकार का लक्ष्य इस सड़क को पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड बनाना है, जिससे यातायात बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से चल सके।

तेजपुर पर उतर सकेंगे फाइटर जेट्स इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत तेजपुर बाईपास पर बनने वाली 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है। इसे भारतीय वायुसेना (IAF) की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। आपात स्थिति में यहां फाइटर जेट्स और विमानों को उतारा जा सकेगा।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति परियोजना के तहत घनी आबादी वाले इलाकों को दरकिनार करते हुए 5 बड़े बाईपास बनाए जाएंगे। ये बाईपास बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर में ट्रैफिक दबाव को पूरी तरह खत्म कर देंगे। कुल 58.7 किलोमीटर की लंबाई इन्हीं बाईपास से होकर गुजरेगी।

इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना इस हाईवे को बेहद सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होगा। इसमें 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल और 19 फ्लाईओवर शामिल हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक विशेष हाथी अंडरपास भी बनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए 46 अंडरपास और 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाने का प्रावधान है।

दिल्ली से अरुणाचल तक आसान सफर यह हाईवे गुवाहाटी के बैहाटा चारियाली को जोड़ता है, जो सीधे NH-27 से जुड़ा है। भविष्य में गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली-एनसीआर से बोंगाईगांव और फिर इस हाईवे के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश तक का सफर बेहद सुगम हो जाएगा। यात्रा का समय मौजूदा समय से आधा हो जाने की उम्मीद है।

आर्थिक विकास को मिलेगी गति यह कॉरिडोर केवल यात्रा का समय ही नहीं घटाएगा, बल्कि असम के आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगा। यह हाईवे 8 इंडस्ट्रियल पार्क, मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क, ओरंग नेशनल पार्क, 3 प्रमुख रेलवे स्टेशनों और 2 हवाई अड्डों को आपस में जोड़ेगा। इससे राज्य के लॉजिस्टिक और पर्यटन क्षेत्र को एक बड़ी ताकत मिलेगी।

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