रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर रहा है। राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित सेवा के लिए डिजिटल गवर्नेंस को मुख्य आधार बना रही है। इसके तहत प्रशासनिक कामकाज से लेकर ग्रामीण कनेक्टिविटी तक में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल सेवा मंच बन चुका है। इस पर 35 विभागों की 564 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अब तक 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 78 लाख का समयबद्ध निराकरण किया जा चुका है।
आय, जाति और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अब डिजिटल हस्ताक्षर के साथ सीधे नागरिकों के मोबाइल पर पहुंच रहे हैं। एआई-आधारित सहायता और व्हाट्सऐप इंटीग्रेशन ने इन सेवाओं को और भी सरल बना दिया है।
24 अगस्त 2024 से शुरू हुई ई-ऑफिस प्रणाली ने प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को पूरी तरह बदल दिया है। आज मंत्रालय से लेकर जिला कलेक्टोरेट तक का कामकाज पेपरलेस हो रहा है। फाइलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग और समयबद्ध निपटारे से सरकारी तंत्र की दक्षता में इजाफा हुआ है। साथ ही, प्रोजेक्ट दक्ष के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को एआई और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डिजिटल अंतर को खत्म करने के लिए सरकार ने 5,000 से अधिक नए मोबाइल टावर लगाने का अभियान शुरू किया है। भारतनेट-3 परियोजना के तहत 3,942 करोड़ रुपये की लागत से 11,682 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल भुगतान की सुविधाएं अब दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक पहुंच रही हैं।
बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग के लिए सरकार ई-प्रगति पोर्टल का उपयोग कर रही है। 25 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सैटेलाइट और जीआईएस आधारित निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जा रही है। वहीं, रजिस्ट्री कार्यालयों को स्मार्ट ऑफिस में बदलकर नामांतरण की प्रक्रिया को ऑटो-जनरेटेड और पारदर्शी बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ को आईटी हब बनाने की दिशा में नवा रायपुर में एआई-आधारित ग्रीन डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ एआई विजन डॉक्यूमेंट के तहत शैक्षणिक संस्थानों में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एडवांस डेटा लैब बना रही है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म के जरिए विभागों में डेटा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
तकनीकी नवाचारों के जरिए विष्णुदेव साय सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। डिजिटल छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब सुशासन का एक नया मानदण्ड बन रहा है।
*दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक आसान मोबाइल कनेक्टिविटी और तेज इंटरनेट सिर्फ संवाद का जरिया नहीं होंगे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसर गांव-गांव तक पहुंचेंगे।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) May 12, 2026
डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम बढ़ाते हुए भारतनेट-3 योजना के तहत प्रदेश की… pic.twitter.com/nnbGPVOxRw
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