कॉमनवेल्थ और ओलंपिक गेम्स: क्या है इनके बीच का बड़ा अंतर? 5 पॉइंट्स में समझें पूरी सच्चाई
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स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स ने एक बार फिर खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हर चार साल में होने वाले इस आयोजन को अक्सर लोग ओलंपिक समझकर गलती कर बैठते हैं। हालांकि, दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन हैं, लेकिन इनका स्वरूप और उद्देश्य पूरी तरह अलग है। आइए जानते हैं इनके बीच के 5 प्रमुख अंतर।

1. आयोजन संस्थाओं में भिन्नता

ओलंपिक गेम्स का संचालन इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) करती है, जिसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के लोजान में है। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स की कमान कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) के हाथों में होती है। दोनों संस्थाएं अपने अलग-अलग नियम और प्रक्रियाएं तय करती हैं।

2. देशों की भागीदारी का आधार

यह सबसे बड़ा अंतर है। ओलंपिक में दुनिया के लगभग 200 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं। दूसरी ओर, कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल वही देश शामिल हो सकते हैं जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे थे (वर्तमान में 70-72 सदस्य)। दिलचस्प यह है कि ओलंपिक में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स ग्रेट ब्रिटेन के नाम से एक टीम बनकर खेलते हैं, जबकि कॉमनवेल्थ में ये देश अलग-अलग टीमें उतारते हैं।

3. समर और विंटर का गणित

ओलंपिक के दो संस्करण होते हैं— समर और विंटर, जो दो-दो साल के अंतराल पर होते हैं। विंटर ओलंपिक में बर्फ पर खेले जाने वाले खेल शामिल होते हैं। इसके उलट, कॉमनवेल्थ गेम्स का केवल एक ही प्रमुख संस्करण होता है, जो गर्मियों (समर सीजन) में आयोजित किया जाता है। इसका कोई विंटर वर्जन नहीं है।

4. प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धा का स्तर

खेल जगत में ओलंपिक पदक को एथलीट के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है, क्योंकि इसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का मुकाबला होता है। कॉमनवेल्थ गेम्स को दुनिया फ्रेंडली गेम्स के रूप में देखती है। यहाँ खेल का माहौल तो रोमांचक होता है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और प्रतिष्ठा के मामले में ओलंपिक का स्तर काफी ऊंचा है।

5. खेलों की सूची में अंतर

दोनों आयोजनों में एथलेटिक्स, तैराकी और बैडमिंटन जैसे कॉमन खेल होते हैं, लेकिन खेलों की लिस्ट भी अलग है। कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल्स और नेटबॉल जैसे खेल शामिल हैं, जो ओलंपिक का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, ओलंपिक में स्केटबोर्डिंग और सर्फिंग जैसे आधुनिक खेल जोड़े गए हैं, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में देखने को नहीं मिलते।

निष्कर्ष: दोनों आयोजनों के उद्घाटन समारोह, मार्च पास्ट और मेडल टैली का ढांचा एक जैसा दिखने के कारण अक्सर भ्रम पैदा होता है। हालांकि, अपनी ऐतिहासिक जड़ों और पहुंच के मामले में ये दोनों ही खेल आयोजन अपनी-अपनी जगह पर अलग भूमिका निभाते हैं।

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