बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले : राहुल गांधी पर जितेंद्र सिंह का तीखा कटाक्ष
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लोकसभा में बुधवार को एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रही। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्ष, खासकर राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के हालिया विरोध प्रदर्शन को उनकी प्रधानमंत्री बनने की दबी हुई हसरत से जोड़ दिया।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर तंज जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के 21 जुलाई को 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए गालिब का शेर सुनाया— बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।

मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की यह हसरत पुरानी है कि देश उन्हें प्रधानमंत्री चुने। जब यह पूरी नहीं हुई, तो वे हताश होकर बाहर आकर बैठ गए। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब पुलिस ने उन्हें वहां से हटने का निवेदन किया, तो वे बड़े बेआबरू होकर वहां से निकले।

गोगोई और प्रियंका गांधी पर प्रहार जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोपों का भी आंकड़ों के साथ खंडन किया। गौरव गोगोई द्वारा छात्रों पर अत्याचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 1969 से 1984 के बीच असम में 860 छात्र मारे गए थे, तब कांग्रेस की सरकार थी।

वहीं, प्रियंका गांधी के 152 पेपर लीक और 750 करोड़ छात्र प्रभावित वाले दावे पर केंद्रीय मंत्री ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा, दुनिया की कुल आबादी ही करीब 7.5 अरब (750 करोड़) है। यह आंकड़ा या तो मनगढ़ंत है, शरारत है या फिर घोर अज्ञानता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक मामले में अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

शिक्षा क्षेत्र में विकास के गिनाए आंकड़े विपक्ष के स्कूल बंद करने के आरोपों को खारिज करते हुए जितेंद्र सिंह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि सरकार ने विश्वविद्यालयों की संख्या 762 से बढ़ाकर 1093 कर दी है। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा का विस्तार करते हुए एम्स की संख्या 7 से 22 और एमबीबीएस सीटों की संख्या 51,300 से बढ़ाकर 1.39 लाख कर दी गई है।

5 महीने में होगा पेपर लीक का निपटारा एंटी-पेपर लीक बिल पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक की जानकारी मिलते ही मामला सीबीआई को सौंपा गया, 92 जगहों पर छापेमारी हुई और कुछ ही दिनों में चार्जशीट दाखिल कर ट्रायल शुरू कर दिया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नए कानून के तहत पेपर लीक मामलों का निपटारा महज 5 महीने के भीतर हो जाएगा।

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