रहस्यमयी डंपर: प्रदर्शन स्थल पर पत्थरों से भरा ट्रक कैसे पहुँचा? दिल्ली पुलिस के दावों में फंसा पेच
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चलो संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर मिले पत्थरों से भरे डंपर ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने इसे आंदोलन को बदनाम करने और हिंसा भड़काने की साजिश बताया था, और अब जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

चार दिन पहले ही जब्त हो चुका था ट्रक

जांच में खुलासा हुआ है कि यह डंपर कोई लावारिस वाहन नहीं था, बल्कि इसे 16 जुलाई को फिरोज शाह रोड पर हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने जब्त किया था। तब से यह ट्रक संसद मार्ग थाने की कस्टडी में था। सवाल यह है कि यदि ट्रक पुलिस की निगरानी में था, तो वह 20 जुलाई को प्रदर्शन स्थल के मुहाने पर कैसे पहुंच गया?

पुलिस के परस्पर विरोधी बयान

इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों के बयान ही एक-दूसरे को काट रहे हैं:

इन विरोधाभासी बयानों ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।

प्रदर्शन स्थल से यूथ कांग्रेस ऑफिस तक का सफर

यह ट्रक सिर्फ जंतर-मंतर तक ही सीमित नहीं रहा। 25 जुलाई को इंडियन यूथ कांग्रेस ने दावा किया कि वही ट्रक रायसीना रोड स्थित उनके कार्यालय के बाहर तीन दिनों तक लावारिस खड़ा रहा। कांग्रेस का आरोप है कि नो एंट्री जोन में पुलिस की मिलीभगत के बिना यह भारी वाहन ऐसे संवेदनशील इलाकों में घूम नहीं सकता था।

गायब ट्रक: पुलिस खुद नहीं जानती ठिकाना

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब इस ट्रक के वर्तमान स्थान के बारे में पूछा गया, तो पुलिस स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई। कहीं इसे ट्रैफिक पिट में बताया गया, तो कहीं यह गायब मिला। इस रहस्यमयी ट्रक की लोकेशन और इसे प्रदर्शन स्थलों के पास खड़ा करने के पीछे का मकसद अब भी एक बड़ा राज बना हुआ है।

साजिश या प्रशासनिक चूक?

CJP का आरोप है कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप देने की सोची-समझी कोशिश थी। भले ही पुलिस इसे महज प्रशासनिक तालमेल की कमी बताकर खारिज कर रही हो, लेकिन सबूतों की कड़ियाँ—जब्त वाहन का बार-बार स्थान बदलना, पुलिस के अलग-अलग बयान और संवेदनशील इलाकों में ट्रक की मौजूदगी—एक गंभीर साजिश की ओर इशारा करते हैं।

क्या लोकतंत्र में प्रदर्शन करना अब इतना जोखिम भरा हो गया है कि प्रशासन को साजिशों का सहारा लेना पड़ता है? यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित है।

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