संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में मंगलवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब भारत ने मध्य पूर्व के समुद्री मोर्चे पर हो रही हिंसा को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत के बाद नई दिल्ली ने कूटनीतिक शिष्टाचार को दरकिनार करते हुए सख्त चेतावनी दी है।
समंदर में बिखरा खून: किन जहाजों को बनाया गया निशाना? भारत ने UN में होर्मुज से गुजरने वाले तीन बड़े कमर्शियल जहाजों—GFS गैलेक्सी, MT अल बहिया और MT मोम्बासा—पर हुए हमलों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। 12 जुलाई को GFS गैलेक्सी और 14 जुलाई को बाकी दो टैंकरों को निशाना बनाया गया। ये हमले ऐसे समय हुए जब ये जहाज दुनिया के 20% तेल व्यापार वाले रूट से गुजर रहे थे। इन हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, कई गंभीर घायल हुए और एक अभी भी लापता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कुल 11 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं।
पर्वतनेनी हरीश की दोटूक: 1 करोड़ भारतीयों की जिंदगी दांव पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने वैश्विक मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना एक टाइम-बम है। उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया का तनाव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि भारत के लिए रणनीतिक संकट है।
भारत का इस क्षेत्र के साथ 180 अरब डॉलर का व्यापार और 31 अरब डॉलर का FDI जुड़ा है। इसके अलावा, खाड़ी देशों से भारत को 52 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिलता है। सबसे अहम बात यह है कि इस अशांत क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की बड़ी मांग भारत ने UN में साफ शब्दों में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
क्यों अहम है भारत के लिए यह रूट? होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा का आधार है। यहां फैलती अस्थिरता का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और लाखों भारतीय परिवारों पर पड़ता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले गुटों को अब जवाबदेह ठहराना अनिवार्य है।
वैश्विक व्यापार पर मंडराता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस जलमार्ग में तनाव कम नहीं हुआ, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल मच सकती है। भारत का यह कड़ा संदेश उन सभी शक्तियों के लिए चेतावनी है, जो समुद्री आवाजाही की आजादी को खतरे में डाल रही हैं। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या संयुक्त राष्ट्र वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए हमलावरों पर नकेल कसने में कामयाब हो पाएगा।
We strongly condemn the recent attacks on several vessels, GFS Galaxy, MT Al Bahiyah and MT Mombasa among them, during their transit through the Strait of Hormuz, this month says Indian Ambassador to UN @AmbHarishP pic.twitter.com/0ji342AH2v
— Sidhant Sibal (@sidhant) July 29, 2026
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