चंबा की पहाड़ियों में बहादुरी की मिसाल हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली नहीं, बल्कि गौरवान्वित करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। भारी बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बीच एक एंबुलेंस कर्मी ने अपनी जान को दांव पर लगाकर 7 महीने के एक मासूम बच्चे की जान बचाई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पत्थरों की बौछार के बीच दौड़ता रहा फरिश्ता वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मलबा और पत्थर फैले हुए हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद है। ऐसे खतरनाक माहौल में, एंबुलेंस स्टाफ का एक सदस्य बच्चे को अपनी छाती से मजबूती से चिपकाकर मलबे के ऊपर से दौड़ता है। हर कदम पर जान जाने का खतरा था, लेकिन उसके लिए बच्चे की सुरक्षा ही एकमात्र प्राथमिकता थी।
सुरक्षित पहुंचा परिवार उस एंबुलेंस कर्मी की तत्परता का ही नतीजा था कि बच्चा कुछ ही पलों में दूसरी तरफ खड़ी एंबुलेंस तक सुरक्षित पहुंच गया। इसके बाद बच्चे के माता-पिता ने भी हिम्मत जुटाकर उसी रास्ते को पार किया। अंत में, पूरा परिवार सुरक्षित एंबुलेंस तक पहुंच सका। यह दृश्य देखकर हर कोई उस कर्मी की बहादुरी का कायल हो गया है।
सोशल मीडिया पर उमड़ा जनसैलाब इस वीडियो को X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए जाने के बाद से ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अब तक लाखों लोग इसे देख चुके हैं और हजारों की संख्या में इसे लाइक किया गया है। यूजर्स ने उस एंबुलेंस कर्मी को असली हीरो बताते हुए उसे सम्मानित करने की मांग की है।
बुनियादी ढांचे पर भी सवाल इस बहादुरी की सराहना करते हुए लोग पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाओं की कमी पर भी चर्चा कर रहे हैं। कई यूजर्स का मानना है कि खराब सड़कों और बुनियादी ढांचे की वजह से ही अक्सर आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
(नोट: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पर आधारित है।)
*He deserves all the fame and applause ❤️
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) July 23, 2026
An ambulance staff member in Chamba carried a 7-month-old baby through a dangerous stretch of falling stones, putting his own life at risk so the little one could make it to safety. pic.twitter.com/8VIRZhZAMt
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