नीट विवाद: सरकार के साथ हुई अहम बातचीत, CJP ने रखीं अपनी तीन बड़ी शर्तें
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर CJP (सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस) के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र संगठन द्वारा रखी गई तीन प्रमुख मांगें थीं।

सरकार के सामने रखी गईं तीन प्रमुख मांगें

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार से तीन सूत्रीय मांगें की गई हैं:

  1. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे इस्तीफा दें।
  2. पीड़ित परिवारों को मुआवजा: नीट पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने जान गंवाई या आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  3. एफआईआर वापसी: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं और भविष्य में ऐसी दंडात्मक कार्रवाई न करने की गारंटी दी जाए।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नॉन-नेगोशिएबल

सौरव दास ने स्पष्ट किया कि मुआवजे और एफआईआर वापसी के मुद्दों पर सरकार ने कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन CJP ने इसे नॉन-नेगोशिएबल (जिस पर समझौता संभव नहीं) मुद्दा करार दिया है।

प्रवक्ता का कहना है कि यह केवल उनके संगठन की मांग नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं की सामूहिक आवाज है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस आंदोलन की सबसे अहम कड़ी है।

आगे की रणनीति और तीसरे दौर की वार्ता

सरकार ने इस मामले पर तीसरे दौर की बातचीत के लिए CJP को न्योता दिया है। संगठन ने सरकार को एक पॉलिसी डिमांड चार्टर भी सौंपा है, जिस पर विचार करने का आश्वासन मिला है। हालांकि, CJP का पूरा ध्यान फिलहाल अपनी मुख्य मांगों को मनवाने पर है।

सोनम वांगचुक के अनशन पर क्या बोले?

सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों बाद अनशन खत्म करने के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि इससे आंदोलन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने वांगचुक के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण यह जरूरी था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो क्या होगा?

CJP ने साफ कर दिया है कि यदि शुक्रवार को होने वाली बैठक में कोई ठोस और सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने देश भर के लोगों को दिल्ली बुलाकर आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी है।

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