4 घंटे की कड़ी मेहनत, प्लास्टिक बॉल बनी हथियार: हार्दिक पांड्या का मिशन 2027 शुरू
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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इन दिनों मैदान से मीलों दूर बेंगलुरु में एक खास अभियान पर हैं। उनका लक्ष्य साफ है—वनडे विश्व कप 2027 के लिए खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से एक सुपर एथलीट के रूप में तैयार करना।

रोजाना 12 ओवर की गेंदबाजी का दम हार्दिक पांड्या की फिटनेस को नई ऊंचाई देने के लिए उनकी ट्रेनिंग का स्तर काफी ऊंचा कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक रोजाना 3 से 4 घंटे तक अकेले पसीना बहा रहे हैं। इस प्रैक्टिस का मुख्य केंद्र उनकी गेंदबाजी क्षमता है। वे हर दिन करीब 12 ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं, जिसमें 5 से 6 ओवर पूरी तीव्रता (Full Intensity) के साथ फेंके जा रहे हैं।

शॉर्ट बॉल का तोड़: कंक्रीट और प्लास्टिक बॉल बल्लेबाजी में शॉर्ट-पिच गेंदों के खिलाफ अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए हार्दिक ने एक अनोखा तरीका अपनाया है। वे कंक्रीट और टाइल्स की सख्त सतह पर प्लास्टिक बॉल से थ्रोडाउन का अभ्यास कर रहे हैं।

कंक्रीट की सतह पर प्लास्टिक की गेंद तेजी से और अप्रत्याशित उछाल के साथ आती है। यह ड्रिल उनके रिफ्लेक्स (Reflexes) को तेज करने और गेंद को भांपने के रिएक्शन टाइम को बेहतर बनाने में मदद कर रही है। यह तकनीक शॉर्ट बॉल के सामने उनकी तकनीक को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए तैयार की गई है।

सावधानी से वर्कलोड मैनेजमेंट हार्दिक पांड्या को फिलहाल भारतीय टी20 और वनडे टीम से बाहर रखा गया है, जिसके पीछे का कारण पूरी तरह वर्कलोड मैनेजमेंट है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर स्पष्ट कर चुके हैं कि हार्दिक वनडे टीम का अभिन्न हिस्सा हैं।

जिस तरह जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड पर नजर रखी जाती है, वैसे ही हार्दिक को 2027 के वर्ल्ड कप तक पूरी तरह फिट रखने के लिए उन्हें छोटे फॉर्मेट के दौरों से ब्रेक दिया गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि हार्दिक के शरीर पर ज्यादा दबाव डालना रिस्की हो सकता है, इसलिए उनकी रिकवरी और आधुनिक ट्रेनिंग पर पूरा जोर दिया जा रहा है।

टीम इंडिया के लिए बड़ा निवेश हार्दिक की यह मेहनत केवल उनकी फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारी का हिस्सा है। एक ऑलराउंडर के रूप में लंबे स्पेल फेंकने की क्षमता और बल्लेबाजी में आक्रामकता को संतुलित करना भारतीय टीम की जीत के लिए बेहद जरूरी है। बेंगलुरु में चल रहा यह सोलो सेशन आने वाले समय में हार्दिक को एक नई ऊर्जा के साथ मैदान पर वापसी कराने के लिए तैयार कर रहा है।

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