भारत में क्रिकेट का जुनून किसी धर्म से कम नहीं है। लाखों युवा टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सपना देखते हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना बेहद कठिन है। कड़ी मेहनत, घरेलू क्रिकेट में निरंतरता और शानदार प्रदर्शन के बाद ही खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना पाते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाले ये खिलाड़ी अचानक पुलिस विभाग में DSP (पुलिस उपाधीक्षक) कैसे बन जाते हैं? क्या वे किसी परीक्षा में बैठते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी प्रक्रिया।
सबसे पहले यह जान लें कि क्रिकेटर आमतौर पर सामान्य पुलिस भर्ती परीक्षा के जरिए DSP नहीं बनते हैं। उनके लिए राज्य सरकारें सीधे नियुक्ति (Direct Appointment) का रास्ता अपनाती हैं। यह फैसला उनके खेल में दिए गए असाधारण योगदान और देश के नाम को गौरवान्वित करने के लिए लिया जाता है।
इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण होते हैं:
हाल ही में भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और आकाशदीप को बिहार सरकार ने राज्य में DSP के पद पर नियुक्त किया है। इसी तरह, तेलंगाना सरकार ने मोहम्मद सिराज को भी उनकी खेल उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया है। यह नियुक्तियां न केवल खिलाड़ी के करियर को एक वैकल्पिक सुरक्षा देती हैं, बल्कि समाज में खेल के प्रति युवाओं को प्रेरित भी करती हैं।
यह सम्मान केवल पुरुष क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर पंजाब पुलिस में DSP हैं। वहीं, शानदार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में और आक्रामक विकेटकीपर ऋचा घोष पश्चिम बंगाल में DSP के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
| क्रिकेटर | राज्य/विभाग | | :--- | :--- | | जोगिंदर शर्मा | हरियाणा पुलिस | | हरमनप्रीत कौर | पंजाब पुलिस | | मोहम्मद सिराज | तेलंगाना पुलिस | | दीप्ति शर्मा | उत्तर प्रदेश पुलिस | | ऋचा घोष | पश्चिम बंगाल पुलिस | | आकाश दीप | बिहार पुलिस | | मुकेश कुमार | बिहार पुलिस |
क्रिकेटर्स को मिलने वाले सम्मान सिर्फ पुलिस सेवा तक सीमित नहीं हैं। महेंद्र सिंह धोनी और कपिल देव जैसे दिग्गजों को प्रादेशिक सेना (Territorial Army) में मानद रैंक दी गई है। वहीं, सचिन तेंदुलकर भारतीय वायुसेना में मानद ग्रुप कैप्टन हैं। केएल राहुल, ईशान किशन और उमेश यादव जैसे कई खिलाड़ी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अन्य सरकारी संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
संक्षेप में कहें तो, जब एक खिलाड़ी अपनी मेहनत से देश का नाम ऊंचा करता है, तो सरकारें उसे स्पेशल कैटेगरी के तहत सम्मानित कर भविष्य के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं।
रजत पाटीदार की 55 रन की शानदार पारी के कारण क्वार्टर फाइनल में आंध्र प्रदेश पर 5 विकेट से जीत दर्ज कर मध्य प्रदेश रणजी टीम ने राज्य को गौरवांवित किया है और दूसरी बार ट्रॉफी जीतने के करीब पहुंच गए हैं।@MPCATweets की पूरी टीम को बधाई तथा सेमी फाइनल और फाइनल हेतु शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/QbnZgvdMeD
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) February 3, 2023
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