पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं, जिससे दक्षिणी ईरान का सिरिक इलाका भीषण धमाकों से दहल उठा है।
CENTCOM ने दी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति के सीधे आदेश पर अंजाम दिया गया है। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू हुए इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नाविकों और जहाजों के लिए खतरा बनी हुई हैं।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना? खुफिया सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज सेंटर, सैन्य मुख्यालय और समुद्री रसद बुनियादी ढांचे को अपना मुख्य निशाना बनाया है। इन हमलों से ईरान के सैन्य तंत्र को भारी क्षति पहुंचने का दावा किया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में बिगड़ते हालात यह सैन्य कार्रवाई मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद और तेज हो गई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बहरीन और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों में भी मिसाइल हमलों के अलर्ट जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों को डर है कि यह संघर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
ट्रंप का कड़ा रुख: कोई बातचीत नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी कूटनीतिक बातचीत की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप के हालिया बयानों से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका अब ईरान के उन ठिकानों को भी निशाना बना सकता है, जो परमाणु संवर्धन केंद्रों के करीब हैं। व्हाइट हाउस का स्पष्ट संदेश है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट में खतरा बना रहेगा, यह मिशन जारी रहेगा।
पूर्ण युद्ध के मुहाने पर क्षेत्र ईरान ने भी इन हमलों के बाद कड़े तेवर अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से शांति की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिका ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह पंगु बनाने के अपने मिशन पर अडिग है, जिससे पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
U.S. Central Command tweets, At 5:30 p.m. ET today, U.S. forces began launching more strikes against Iranian military targets at the Commander in Chief s direction. The mission will continue to further degrade Iran s ability to threaten civilian mariners and commercial vessels… pic.twitter.com/xI24kopd8A
— ANI (@ANI) July 23, 2026
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