लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उन्होंने बुधवार को अस्पताल से एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति और सरकार के सामने अपनी शर्तें रखी हैं।
अस्पताल के बिस्तर से जारी वीडियो में सोनम वांगचुक ने कहा, नमस्कार साथियों, मैं अभी भी जिंदा हूं। आज मेरे अनशन का 25वां दिन है। इन 25 दिनों में मेरा वजन 11 किलो कम हो चुका है और मांसपेशियां काफी कमजोर हो गई हैं, लेकिन मैं अभी भी ठीक हूं।
वांगचुक को हाल ही में सफदरजंग अस्पताल से गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
वांगचुक ने अपने अनशन को जारी रखने के पीछे का मुख्य कारण छात्रों पर हुई बर्बरता को बताया। उन्होंने कहा, जिस तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं और उन्हें उकसाने की कोशिश की गई, उसे देखकर मेरा दिल दहल गया। छात्रों ने संयम रखा, कोई जवाबी हमला नहीं किया। इन्हीं घटनाओं की वजह से मैंने अनशन न तोड़ने का फैसला किया।
सोनम वांगचुक ने बताया कि सत्ता पक्ष के मंत्रियों और करीब 65 सांसदों ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है। वे खुद भी काम पर लौटना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने सरकार से ठोस आश्वासन मांगा है।
उनकी मुख्य मांगें ये हैं:
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें इन मांगों पर सरकार से लिखित या ठोस आश्वासन मिलेगा, वे सभी नेताओं और शुभचिंतकों का सम्मान करते हुए अपना अनशन तुरंत समाप्त कर देंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि आश्वासन नहीं मिला, तो बदकिस्मती से उन्हें मजबूरन अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।
*ABHI BHI ZINDA HUN.... DAY 25 pic.twitter.com/SnwKXMfvOO
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
बड़ी खुशखबरी: पश्चिम बंगाल में 26 हजार पुलिस कांस्टेबल की भर्ती, दुर्गा पूजा से पहले 16 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी
इंग्लैंड को IPL से आखिर इतनी नफरत क्यों? , दिनेश कार्तिक ने आलोचकों को दिया करारा जवाब
क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? संसद में ओम बिरला से भिड़े अखिलेश यादव
सड़कों पर संग्राम: कांग्रेस के घेराव के जवाब में BJP का काउंटर अटैक , क्या बदलना चाहती है सरकार?
संसद में शर्मनाक बर्ताव: महिला सांसदों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर कल्याण बनर्जी सस्पेंड
वर्दी, बहादुरी और विवाद: कौन हैं RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत?
डर निकालो और खुलकर खेलो , जिम्बाब्वे फतह से पहले श्रेयस अय्यर ने खिलाड़ियों को दिया जीत का मंत्र
अमेज़न की ओपन बॉक्स फीस पर छिड़ा विवाद: क्या डिलीवरी के नाम पर ग्राहकों से हो रही वसूली?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं ले रही सरकार? विरोध के बीच क्या है भाजपा की सोची-समझी रणनीति
अनंतनाग हमले का बदला: कश्मीर में 1,000 OGWs हिरासत में, आतंकियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार