रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक विनाशकारी चरण में प्रवेश कर चुका है। 22 जुलाई 2026 की सुबह यूक्रेन ने दक्षिण रूस में स्थित रूस की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज के विशाल लॉजिस्टिक्स केंद्रों को अपने ड्रोनों से निशाना बनाया।
क्रास्नोडार में तबाही के निशान यूक्रेनी हमलों का सबसे बुरा असर क्रास्नोडार शहर में देखने को मिला। यहाँ एक बड़े लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस में भीषण आग लग गई, जिसने पास के ट्रक पार्किंग क्षेत्र और रिहायशी इमारतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। क्रास्नोडार के मेयर येवगेनी नौमोव ने पुष्टि की है कि इस हमले में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं।
नेविनोमीस्क में भी कोहराम हमले का दूसरा केंद्र स्टावरोपोल क्राय का नेविनोमीस्क शहर रहा। यहाँ भी वाइल्डबेरीज के एक वेयरहाउस कॉम्प्लेक्स को ड्रोन हमलों ने दहला दिया। गवर्नर व्लादिमीर व्लादिमीरोव के अनुसार, भीषण आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई टीमों को मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना में पांच कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
क्रीमिया में ब्लैकआउट ड्रोन हमलों की धमक केवल गोदामों तक सीमित नहीं रही। कब्जे वाले क्रीमिया के मसंद्रा और याल्टा में दो प्रमुख इलेक्ट्रिक सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया। अलुश्ता शहर में भी बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई है। यूक्रेनी सेना की रणनीति साफ है—क्रीमिया को अलग-थलग करने के लिए वहां के पावर ग्रिड और आपूर्ति मार्गों को लगातार ध्वस्त किया जा रहा है।
वाइल्डबेरीज कंपनी क्यों है निशाने पर? विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन रूस की आर्थिक रीढ़ और युद्ध क्षमता को निशाना बना रहा है। वाइल्डबेरीज के ठिकानों पर यह हालिया दिनों में चौथा बड़ा हमला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन वेयरहाउसों का इस्तेमाल रूसी सेना को ड्रोन के पुर्जे और नेविगेशन उपकरण सप्लाई करने के लिए भी किया जा रहा था।
पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन ने एक के बाद एक हमले कर रूस के तेल डिपो, ऊर्जा केंद्रों और शैडो फ्लीट के जहाजों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जो मॉस्को के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
A huge fire at the Wildberries logistics hub in Nevinnomyssk, Stavropol Krai, after the overnight drone attack on Russia. https://t.co/YoRuHMVBNY pic.twitter.com/JtJwtGcHdf
— Special Kherson Cat 🐈🇺🇦 (@bayraktar_1love) July 22, 2026
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