स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज़ होने जा रहा है। खेल प्रेमियों और विश्लेषकों की नज़रें बर्मिंघम 2022 पर हैं, जहाँ भारत ने 61 पदकों के साथ अपना जलवा बिखेरा था। लेकिन इस बार, ग्लासगो में कहानी कुछ और ही होने वाली है। 2030 में भारत को खुद इन खेलों की मेजबानी करनी है, लेकिन उससे पहले 2026 के ये खेल भारत के लिए एक कड़वी परीक्षा बनकर आए हैं।
भारत की मेडल टैली पर इस बार बड़ा ग्रहण लगा है। जिन खेलों में भारत का दबदबा रहा है, उन्हें इस बार आयोजन से बाहर कर दिया गया है। कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और क्रिकेट जैसे खेलों का न होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो कुश्ती से 12, टेबल टेनिस से 7, बैडमिंटन से 6 और हॉकी-क्रिकेट से 3 पदक आए थे। यानी, मुकाबला शुरू होने से पहले ही भारत लगभग 30 पदकों का नुकसान झेल चुका है।
इन खेलों के गायब होने के पीछे एक लंबी कहानी है। पहले इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया को करनी थी, लेकिन बजट की कमी का हवाला देकर उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। आखिरी वक्त में ग्लासगो ने भार संभाला, लेकिन बजट संतुलित रखने के लिए उन्होंने खेलों की संख्या घटाकर सिर्फ 10 कर दी। एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और बॉक्सिंग जैसे गिने-चुने खेलों के भरोसे यह आयोजन हो रहा है, जिसका सीधा असर भारत के गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर पड़ना तय है।
भले ही हालात प्रतिकूल हैं, लेकिन भारत का 126 सदस्यीय दल पूरी तैयारी के साथ मैदान में है। सभी की नजरें ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा पर हैं, जो इंजरी के बाद वापसी कर रहे हैं। वहीं, कुश्ती और अन्य खेलों की कमी को पूरा करने की जिम्मेदारी वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन जैसे सितारों के कंधों पर है। ओपनिंग सेरेमनी में मीराबाई चानू तिरंगा थामे भारत का नेतृत्व करेंगी, जो हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होगा।
तार्किक रूप से देखें, तो भारत की मेडल टैली के नीचे खिसकने की पूरी संभावना है। एक खेल प्रेमी के लिए अपनी रैंकिंग गिरते देखना दर्दनाक हो सकता है। लेकिन, यह टूर्नामेंट भारत को एक बड़ा सबक भी सिखाएगा। 2030 में जब भारत इन खेलों की मेजबानी करेगा, तो यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी ताकत दिखाने का मौका होगा।
ग्लासगो भले ही हमें कम पदक दे, लेकिन यह साबित करेगा कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानना ही भारतीय एथलीटों की असली पहचान है। आपदा को अवसर में बदलना भारतीय खेल की पुरानी आदत है, और इसी जज्बे के साथ टीम इंडिया एक बार फिर तिरंगे की शान बढ़ाने को तैयार है।
Team India is all set for Glasgow 2026! 🇮🇳💪
— SAI Media (@Media_SAI) July 22, 2026
🏅 126 Athletes
🎯 13 Disciplines
🏆 113 Events
Our champions are ready to give their all, carry the Tricolour with pride, and make every moment count on the Commonwealth stage.
Let s cheer every effort, every challenge, and every… pic.twitter.com/isPN0vxxau
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