होर्मुज स्ट्रेट पर ‘आर-पार’ की जंग: ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, ‘मिसाइल चली तो ढहा देंगे पावर प्लांट’
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक सख्त और सीधी चेतावनी दी है, जिसने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।

ट्रंप का कड़ा रुख: ‘हमले का जवाब तबाही से’ डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला किया, तो अमेरिका इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हर हमले के बदले अमेरिका ईरान के किसी महत्वपूर्ण पुल या बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को निशाना बनाकर उसे तबाह कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें तेहरान के आसपास के रणनीतिक ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इस मार्ग पर किसी भी तरह की अशांति का सीधा असर तेल की वैश्विक कीमतों पर पड़ेगा, जिससे दुनिया भर में महंगाई का संकट पैदा हो सकता है।

हमलों का दौर: धमाकों से दहली खाड़ी हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के चाबहार, बंदर अब्बास और केशम द्वीप जैसे इलाकों में धमाकों की सूचना है। साथ ही, मंगलवार को ओमान के पास एक ब्रिटिश टैंकर पर भी अज्ञात हमले की खबर सामने आई है। इस बीच, पेंटागन ने पुष्टि की है कि संघर्ष में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और करीब 100 जवान घायल हुए हैं। ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर भी हमला करने का दावा किया है।

बढ़ती तबाही, अरबों का नुकसान पेंटागन ने स्वीकार किया है कि इस संघर्ष में अब तक अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही यह रस्साकशी अब केवल दो देशों का मुद्दा नहीं रही, बल्कि इसने मध्य पूर्व की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सीधे खतरे में डाल दिया है।

दुनिया की नजरें खाड़ी पर विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान ट्रंप की इस तीखी चेतावनी का कोई पलटवार करता है, या फिर दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कोई कदम उठाते हैं। आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद निर्णायक होंगे।

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