पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर विस्फोटक हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ईरान द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के ऐलान के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान के ठिकानों पर अमेरिकी हमलों से क्षेत्र में बड़े युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने साइप्रस के झंडे वाले जहाज M/V GFS गैलेक्सी पर हमला कर दिया। ईरान का आरोप है कि जहाज ने नेविगेशन नियमों का उल्लंघन किया था। इस हमले में जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक दल का एक सदस्य लापता है।
इस हमले के जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर सैन्य हमलों का तीसरा दौर शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने बहरीन बेस से मिसाइलें दागकर ईरान के 12 महत्वपूर्ण ठिकानों को तबाह कर दिया है।
अमेरिकी हमलों का दायरा काफी व्यापक है। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक सहित ईरान के सात प्रमुख शहरों में धमाकों की आवाज सुनी गई है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि ईरान को इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान की आंतरिक राजनीति भी अब युद्ध के रंग में रंग गई है। अताउल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मुज्तबा ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अपने पिता की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को सीधे कब्र तक पहुंचाने के लिए एक सूची तैयार कर रहा है।
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है, अगर ईरान ने अमेरिकी हितों या मेरी सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया, तो दुनिया ने जैसा पहले कभी नहीं देखा, वैसी सैन्य कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड हैं और जरूरत पड़ने पर वे ईरान पर भीषण बमबारी के लिए तैयार हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस ट्रांजिट मार्ग है। इसके बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज की गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी दखल समाप्त नहीं होता, तब तक समुद्री आवाजाही सामान्य नहीं हो पाएगी।
यह टकराव अब केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं रहा, बल्कि वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
Iran s IRGC Navy: As we stated earlier — any foreign interference or illegal determination of shipping routes in the Strait of Hormuz will be met with a decisive response and will disrupt the normalization of traffic in the strait. 🇮🇷⚓️ pic.twitter.com/F5g2S4Zq1S
— IRGC (@IRGC_Press) July 11, 2026
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