बलूचिस्तान रक्तरंजित: BLA के हमलों में 29 जवानों की मौत, शवों को टैंपो में ले जाने का वीडियो वायरल
News Image

पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है। पिछले कुछ दिनों में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा किए गए हमलों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कमर तोड़ दी है। इन हमलों में 18 पुलिसकर्मियों और 11 सैनिकों सहित कुल 29 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।

तीन बड़े आतंकी हमलों से दहला इलाका पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, सोमवार से अब तक बलूचिस्तान में तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिसमें कुल 42 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या सबसे अधिक है। सेना का दावा है कि ये हमले जियारत जिले और राजमार्गों पर सुनियोजित तरीके से किए गए।

अगवा किए गए थे पुलिसकर्मी आतंकियों ने जियारत जिले में एक पुलिस चौकी पर हमला कर 9 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं, अन्य 18 पुलिसकर्मियों की हत्या उन्हें अगवा करने के बाद की गई। दूसरी ओर, राजमार्ग पर सेना के काफिले को निशाना बनाकर किए गए हमले में 11 सैनिक मारे गए।

54 विद्रोहियों को मार गिराने का सेना का दावा हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके में बड़ा सुरक्षा अभियान छेड़ दिया है। सेना की ओर से दावा किया गया है कि जवाबी कार्रवाई में 54 विद्रोही मारे गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। सेना ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ हमलावरों के संबंध अफगानिस्तान से थे, जिसे तालिबान सरकार ने सिरे से खारिज किया है।

शवों के अपमान पर मचा बवाल इस खूनी संघर्ष के बीच एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के शवों को सम्मानजनक तरीके से ले जाने के बजाय एक खुले टैंपो में लादकर ले जाया जा रहा है। वीडियो में ताबूतों को एक साधारण लोडिंग वाहन में ढेर की तरह रखा गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना हो रही है।

क्यों सुलग रहा है बलूचिस्तान? बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे अशांत प्रांत है। यहाँ के अलगाववादी संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही है और स्थानीय लोगों की पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। लंबे समय से जारी यह असंतोष अब हिंसक संघर्ष में बदल चुका है, जिसके कारण आए दिन सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मुंबई में कुदरत का कहर: 6 दिन में गिरे 1100 पेड़, टूटा तीन साल का रिकॉर्ड; 4 लोगों की मौत

Story 1

प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा: रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की नई राह

Story 1

नोवाक जोकोविच का महा-संग्राम : 5 घंटे 15 मिनट की ऐतिहासिक जीत से रचा नया इतिहास

Story 1

ट्रेन के First AC कोच को बनाया हनीमून सुइट , सोशल मीडिया पर मचा बवाल; रेलवे ने तोड़ी चुप्पी

Story 1

एर्लिंग हालैंड: फुटबॉल के मशीन मैन का राज, रोजाना खाते हैं 6000 कैलोरी!

Story 1

इंडोनेशिया में गूंजा ॐ नमः शिवाय : पीएम मोदी ने 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर का किया दौरा

Story 1

100% Vegetarian के दावों की सच्चाई क्या? FSSAI ने इन बड़ी कंपनियों को घेरा

Story 1

पुरानी गाड़ियों में E20 पेट्रोल का खतरा: केजरीवाल ने 29 वाहन कंपनियों से मांगा जवाब

Story 1

अंशुला कपूर के रिसेप्शन में रणवीर सिंह का धुरंधर अंदाज: अर्जुन कपूर संग लगाए ठुमके, देखें वायरल वीडियो

Story 1

शराब कम पियो, पेट्रोल में मिलाना है : मणिशंकर अय्यर का 22 साल पुराना वीडियो क्यों मचा रहा हलचल?