प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा: रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की नई राह
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से ऑस्ट्रेलिया की अपनी महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा शुरू कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के विशेष आमंत्रण पर हो रही यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। इंडोनेशिया के बाद अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी कैनबरा पहुंच रहे हैं।

द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2020 में स्थापित कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप अब एक आधार बन चुकी है, जिसे इस यात्रा के दौरान और अधिक विस्तार मिलने की संभावना है।

अल्बानीज़ के साथ अहम बैठक प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) पर विशेष ध्यान रहेगा। इसके साथ ही, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की मजबूती हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों की प्राथमिकता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दायरे को बढ़ाने पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की उम्मीद है। यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

व्यापार और शिक्षा पर जोर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या और वहां की कंपनियों का भारत में बढ़ता निवेश दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और तकनीकी सहयोग, विशेष रूप से एआई (AI) एवं साइबर सुरक्षा पर नई पहल को आकार दिया जा सकता है।

प्रवासी भारतीयों का उत्साह प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रवास के दौरान वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ भी संवाद करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह मुलाकात बेहद खास है। प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना करने के साथ-साथ भारत की बदलती वैश्विक भूमिका पर भी चर्चा कर सकते हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए क्वाड का महत्व भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था के पक्षधर हैं। क्वाड (QUAD) के साझा मंच पर दोनों देशों की सक्रियता इस दौरे के महत्व को और बढ़ा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को गति देगी, बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक मजबूत साझेदारी भी तैयार करेगी।

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